नोटबंदी ने खोली करीब 1000 करोड़ के सृजन घोटाले की पोल, जहां का तहां फंस गया था पैसा
बिहार का सृजन घोटाला लगातार अपने पैर पसारते चला जा रहा है. सोमवार को ही घोटाले के à¤à¤• आरोपी की मौत की खबर आई तो इससे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¤• और चौंकाने वाला तथà¥à¤¯ सामने आया है.
दरअसल, सृजन घोटाले की पोल नोटबंदी के कारण खà¥à¤²à¥€ है. अगर नोटबंदी ना हà¥à¤ˆ होती तो शायद ये घोटाला सामने नहीं आता. बीते साल नवंबर में हà¥à¤ˆ नोटबंदी से हालात इतने बदल गठथे कि सृजन के करोड़ों रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ जहां के तहां फंस गà¤. जिससे पैसा सृजन सरकारी खातों में फिर जमा हो सकें. वहीं सृजन की करà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤°à¥à¤¤à¤¾ रहीं मनोरमा देवी की फरवरी में हà¥à¤ˆ मौत के बाद कई लेनदारों ने पैसा देने से ही इनकार कर दिया.
बताया जा रहा है कि करोड़ों के फरà¥à¤œà¥€à¤µà¤¾à¥œà¥‡ में सरकारी पैसे को बà¥à¤¯à¤¾à¤œ पर बाजार में दिया जाता था. जब नोटबंदी हà¥à¤ˆ तो पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट होने से लेनदेन रà¥à¤• गया. बैंकों से पैसा निकालने और जमा करने के सखà¥à¤¤ नियम की वजह से सृजन की कमर टूट गई. न तो बाजार में हज़ार और पांच सौ के नोट चल रहे थे और ना ही बैंकों में à¤à¤¾à¤°à¥€ रकम जमा हो रहे थी.
काला धन होने की वजह से बैंकों में सृजन का पैसा लौट नहीं पाया, इस तरह सरकारी पैसा बैंकों में लौट नहीं पाया और सृजन का खेल बिगड़ता गया. सरकार का चेक बाउंस होने लगा. जांच के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सरकारी पैसा सृजन के खाते में पहà¥à¤à¤š जाता उसे बैंक से à¤à¥€ बà¥à¤¯à¤¾à¤œ मिलता और पैसा बाजार में लगाने से उसे वहां से à¤à¥€ बà¥à¤¯à¤¾à¤œ मिलता यानी दो तरफा फायदा सृजन को मिल रहा था.
सृजन का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° पैसा रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ में लगा हà¥à¤† था केवल बिहार में ही नहीं बलà¥à¤•ि दिलà¥à¤²à¥€-गाज़ियाबाद-देहरादून समेत कई राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में रियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ में पैसा लगा था लेकिन नोटबंदी की मार से बिकà¥à¤°à¥€ नहीं हो पाई और पैसा वापस नहीं आया.
आपको बता दें कि सृजन घोटाले में अबतक 12 गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो चà¥à¤•ी हैं. रविवार को कहलगांव के को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर सà¥à¤¨à¥€à¤¤à¤¾ कà¥à¤®à¤¾à¤° और नौगछिया के मैनेजर अशोक को à¤à¤¸ आईटी ने गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया है अà¤à¥€ और कई गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होनी है. जांच सीबीआई को सौंप दी गई है.