चूक गया 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' का निशाना
शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को रिलीज हà¥à¤ˆ 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' पà¥à¤¯à¤¾à¤° और धोखे की कहानी है। बाबू à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ किलर है, जिसका काम पैसों के लिठलोगों की जान लेना है। à¤à¤• कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ के दौरान उसकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात होती है बिदिता से और वह उसे अपना दिल दे बैठता है।
बाबू के जीवन में वैसे तो कोई बदलाव नहीं आता लेकिन, à¤à¤• ठेके पर उनकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात जतिन से होती है। वह à¤à¥€ à¤à¤• कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ किलर है लेकिन, वह बाबू को कहता है कि बाबू उसका गà¥à¤°à¥ है। बचपन से वह उसका फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड रहा है, फैन रहा है।
à¤à¤¸à¥‡ में बाबू और उसकी दोसà¥à¤¤à¥€ बढ़ती जाती है। à¤à¤• दिन उनको तीन मरà¥à¤¡à¤° करने का कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ मिलता है और शरà¥à¤¤ लगती है। जब बाबू शरà¥à¤¤ जीतने लगता है तब चेला यानि जतिन बाबू को गोली मार देता है और वह à¤à¤• मशहूर कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ किलर बन जाता है। लगà¤à¤— 8 साल बाद जब बाबू वापस आ जाता है तो सबके होश उड़ जाते हैं और यहां से शà¥à¤°à¥‚ होती है बदले की वो कहानी जो फिलà¥à¤® को नया टà¥à¤°à¥ˆà¤• देती है।
बाबू का पूरा कारवां उजड़ गया है। उसकी पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤•ा को उसके घर के साथ जला दिया गया है। à¤à¤¸à¤¾ उसके दोसà¥à¤¤ बताते हैं। धीरे-धीरे बाबू को पता चलता है कि इस सब के पीछे आखिर है कौन? और वह सबका खून करना शà¥à¤°à¥‚ करता है और अंत में उसे पता चलता है à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ राज जिससे उसका पूरा, असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ हिल जाता है।
इसी धोखे, पà¥à¤¯à¤¾à¤° और दोसà¥à¤¤à¥€ के à¤à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ को मिलाकर बनाई गई है 'बाबूमोशाय बंदूकबाज़'। फिलà¥à¤® की पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ औसत है। फिलà¥à¤® को जिस तरह से शूट किया गया है यूं लगता है कà¥à¤¶à¤¾à¤¨ के दिमाग में अपनी सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अनà¥à¤°à¤¾à¤— कशà¥à¤¯à¤ª की सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² छाई हà¥à¤ˆ थी। मगर इसमें à¤à¥€ वह सफल नहीं हà¥à¤ हैं।
'बाबूमोशाय बंदूकबाज' à¤à¤²à¥‡ ही नवाजà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ सिदà¥à¤¦à¥€à¤•ी जैसे बेहतरीन अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ के साथ बनाई हो लेकिन, यह 80 के दशक के किसी बदले की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर बनी खून का बदला खून, सब कà¥à¤› जला कर राख कर दूंगा जैसी सी गà¥à¤°à¥‡à¤¡ फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ से थोड़ी ही अलग बन पाई है।
नरेशन के दौरान शायद यह फिलà¥à¤® बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ लगी हो मगर, सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर आते ही उसकी हवा निकल गई है. इस फिलà¥à¤® का सबसे कमजोर हिसà¥à¤¸à¤¾ इसका सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤ªà¥à¤²à¥‡ और कहानी ही है। अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ की बात की जाठतो हमेशा की तरह नवाज पूरी तरह छाठरहे। उनका साथ बिदिता बाग ने पूरी तरह से दिया।
चेले के किरदार में जतिन ने à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ परफॉरà¥à¤®à¥‡à¤‚स दिया है। जीजी के रूप में दिवà¥à¤¯à¤¾ दतà¥à¤¤à¤¾ ने अलग-अलग सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर अपनी à¤à¥‚मिका अचà¥à¤›à¥‡ से निà¤à¤¾à¤ˆà¥¤ कà¥à¤² मिलाकर यह कहा जाठतो गलत नहीं होगा कि 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' à¤à¤• साधारण सी फिलà¥à¤® है, जो उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ पर खरी नहीं उतरती। नवाजà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ सिदà¥à¤¦à¥€à¤•ी के चाहने वाले उनकी छवि को देखते हà¥à¤ यह फिलà¥à¤® को देखने जाà¤à¤‚गे निराश ही होंगे।