जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ विशेष: अधूरा रह गया था डा. कलाम का à¤à¤• सपना
नई दिलà¥à¤²à¥€: नठà¤à¤¾à¤°à¤¤ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठयà¥à¤µà¤¾ वरà¥à¤— को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने वाले दिवंगत राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डा. à¤à¤ªà¥€à¤œà¥‡ अबà¥à¤¦à¥à¤² कलाम की आज 86वीं जयंती है। देश के सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š अवॉरà¥à¤¡ à¤à¤¾à¤°à¤¤ रतà¥à¤¨ से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ अबà¥à¤¦à¥à¤² कलाम को जनता का राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ à¤à¥€ कहा जाता है। डा. कलाम ने अपने जीवन में कई à¤à¤¸à¥‡ काम किठथे जो आज à¤à¥€ हमारे लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¸à¥à¤ªà¤¦ हैं। उनके पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• बोल आज à¤à¥€ लोगों के जीवन में बड़ी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ के तौर पर आते हैं। पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डा. à¤à¤ªà¥€à¤œà¥‡ अबà¥à¤¦à¥à¤² कलाम का जनà¥à¤® 15 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर, 1931 को रामेशà¥à¤µà¤°à¤® में हà¥à¤† था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी पढ़ाई सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरà¥à¤šà¤¿à¤°à¤¾à¤ªà¤²à¥à¤²à¥€ से की थी। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साल 2002 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बनाया गया था। डा. कलाम का खà¥à¤µà¤¾à¤¬ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ में फाइटर पायलट बनने का था। वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ की परीकà¥à¤·à¤¾ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलाकर कà¥à¤² 25 उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में से आठका चयन होना था। वह उस परीकà¥à¤·à¤¾ में नौवीं पोजिशन पर रहे और उनका खà¥à¤µà¤¾à¤¬ टूट गया। डा. कलाम ने हमेशा विकास की बात की, फिर वह डेवलà¥à¤ªà¤®à¥‡à¤‚ट समाज का हो या फिर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का। वह à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• होने के साथ-साथ à¤à¤• मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• à¤à¥€ थे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोगों का चेहरा पढऩा आता था वो जिसका à¤à¥€ चेहरा à¤à¤• बार पढ़ लेते उसके बारे में बता दिया करते थे। सà¤à¥€ को साथ लेकर चलने वाले कलाम जानवरों से à¤à¥€ उतना ही पà¥à¤¯à¤¾à¤° करते हैं, जितना इंसानों से करते थे। à¤à¤• बार डिफेंस रिसरà¥à¤š à¤à¤‚ड डेवलपमेंट ऑरà¥à¤—नाइजेशन (डीआरडीओ) में उनकी टीम बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर चरà¥à¤šà¤¾ कर रही थी। टीम ने सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया कि बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग की दीवार पर कांच के टà¥à¤•ड़े लगा देने चाहिठलेकिन डा. कलाम ने टीम के इस सà¥à¤à¤¾à¤µ को ठà¥à¤•रा दिया और कहा कि अगर हम à¤à¤¸à¤¾ करेंगे तो इस दीवार पर पकà¥à¤·à¥€ नहीं बैठेंगे।‘अगà¥à¤¨à¤¿’ मिसाइल के टेसà¥à¤Ÿ के समय कलाम काफी नरà¥à¤µà¤¸ थे। उन दिनों वो अपना इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ अपने साथ लिठघूमते थे। उनका कहना था कि अगर कà¥à¤› à¤à¥€ गलत हà¥à¤† तो वो इसकी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ लेंगे और अपना पद छोड़ देंगे। 2002 में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बनने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° पहली बार केरल गठथे। उस वकà¥à¤¤ केरल राजà¤à¤µà¤¨ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ के मेहमान के तौर पर दो लोगों को नà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया। पहला था जूते-चपà¥à¤ªà¤² की मरमà¥à¤®à¤¤ करने वाला और दूसरा à¤à¤• ढाबा मालिक तिरà¥à¤µà¤¨à¤‚तपà¥à¤°à¤® में रहने के दौरान इन दोनों से उनकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात हà¥à¤ˆ थी।डा. कलाम संयà¥à¤•à¥à¤¤ परिवारों के खतà¥à¤® होने से काफी परेशान थे। उनका मानना था कि नà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° फैमिली में बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों की देखरेख नहीं हो पाती। उनका मानना था कि गांवों के विकास पर फोकस होना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ करवाना सरकारों की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता रहनी चाहिà¤à¥¤ डा. कलाम की सोच साधारण रहन-सहन के साथ सामाजिक रूप से उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता देने वाली थी। 27 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2015 को कलाम आईआईà¤à¤® शिलॉनà¥à¤— में लेकà¥à¤šà¤° देने गठथे जहां दिल का दौरा पडऩे से उनका निधन हो गया था।