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योगी ने अयोध्या में की सरयू आरती, घाट पर जलाए गए 1.71 लाख दीप

लखनऊ.योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम दोनों डिप्टी सीएम और मिनिस्टर्स के साथ अयोध्या में दिवाली मनाने पहुंचे। इस मौके पर यूपी के गवर्नर राम नाईक भी मौजूद थे। सरयू के तट पर रामकथा पार्क में योगी और राम नाईक ने राम, सीता और लक्ष्मण का माला पहनाकर स्वागत किया, आरती उतारी और राजतिलक भी किया। बाद में अपने भाषण में यूपी सीएम ने कहा, "हजारों वर्ष पहले त्रेता युग की स्मृतियों से जोड़ने की कोशिश कर रही है सरकार, जब 14 सालों के बाद राम जी का अयोध्या आगमन हुआ होगा। अयोध्या ने दुनिया को दिवाली दी, लेकिन उस पर प्रश्नचिह्न लगे... क्यों? अयोध्या को उसकी पहचान मिलनी चाहिए।" इस मौके पर सरयू के घाट पर 1.71 लाख दीप जलाए गए और योगी ने सरयू आरती की।

छोटी दिवाली पर अयोध्या में योगी की स्पीच, 8 प्वाइंट

1) ये सिर्फ पहला चरण, तीन और बाकी हैं
- योगी ने कहा, “इस अयोध्या ने दुनिया को वो सबकुछ दिया जो मानवता का रास्ता मजबूत करता हो। रामराज्य दिया, जिसमें दुख और दरिद्रता का स्थान ना हो। अयोध्या क्यों उपेक्षित हुआ, क्यों लगातार नकारात्मक चर्चा का विषय बना। नकारात्मकता से सकारात्मकता से ले जाने का अभियान है हमारा। चार चरणों में ये कार्यक्रम पूरा होना है। अभी पहला चरण है।”
2) अयोध्या लगातार प्रहार झेलती रही
- “आज देश अपनी आजादी के 70 साल पूरा कर चुका है। पीएम के नेतृत्व में भारत को समर्थ और सशक्त भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ये प्रेरणा देता है कि जीवन तपकर ही बनता है और दीप जलकर ही रोशनी देता है। दीपावली का उत्सव देश और दुनिया को अयोध्या ने दिया, लेकिन अयोध्या खुद उपेक्षित हो गई। अयोध्या लगातार प्रहार झेलने को मजबूर हुई। अब ऐसा नहीं होगा। 133 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटन विभाग की कई योजनाएं शुरू हुई हैं।”
3) सरयू आरती का शुभारंभ
- “अयोध्या ही नहीं, पूरे यूपी के भीतर अयोध्या-काशी-मथुरा-नैमिषारण्य, विंध्यवासिनी का धाम हो या फिर पुरातात्विक महत्व के स्थल हों, सबका विकास होगा। यूपी दुनिया में टूरिज्म का हब बने, इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। अयोध्या अपने पुराने वैभव के साथ फिर से दुनिया में स्थापित हो सके। अयोध्या मानवता की धरती है और इसने रामराज्य के माध्यम से पूरी दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया है। नदी संस्कृति को बचाने के लिए सरयू आरती का शुभारंभ हमारी सरकार ने किया।”
4) त्रेता युग की यादों से जोड़ने की कोशिश
- यूपी के सीएम ने कहा, “यहां बहुत सारे घाट ऐसे हैं जहां सरयू की धारा नहीं आ रही है, वहां पर भी सरयू की धारा लाने के लिए योजना लाएं हैं। अगर सचमुच हमें अपने जीवन में और आने वाली पीढ़ी को खुशहाली देनी है तो अपनी विरासत और महापुरुषों का सम्मान करना पड़ेगा। विकास के रास्ते पर चलकर हम समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को जोड़ेंगे। पर्यटन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश को बढ़ाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। एक समय के बाद लोगों को रोजगार चाहिए, सम्मान चाहिए। यूपी सरकार इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए आई है। हजारों वर्ष पहले त्रेता युग की स्मृतियों से जोड़ने की कोशिश कर रही है सरकार, जब 14 सालों के बाद राम जी का अयोध्या आगमन हुआ होगा। अयोध्या ने दुनिया को दिवाली दी, लेकिन उस पर प्रश्नचिह्न लगे... क्यों?”
5) दीपोत्सव को पूरी दुनिया देखना चाहती है
- “अयोध्या को उसकी पहचान और सम्मान मिले, यहां के नागरिकों को उनका हक मिले इसलिए हम लोग यहां आए हैं। पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि सभी संत एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं। गवर्नर राम नाईक जी मौजूद हैं। मैं सबका आभारी हूं। हमारी सरकार ने अयोध्या को नगरनिगम के रूप में मान्यता दी है। जितनी आबादी है अयोध्या की उतने दीप आज जलेंगे। सरयू आरती के बाद दीपोत्सव का कार्यक्रम पूरा देश और दुनिया देखना चाहती है।”
6) रामलीला के मंचन से सवाल उठने बंद होंगे
- “भगवान राम की जिस लीला का आप यहां मंचन करते हैं, ये रामलीला थाईलैंड-इंडोनेशिया में भी होती है। दुनिया के एक दर्जन देशों में रामलीला होती है और लोग प्रेरणा लेते हैं। इसीलिए, आज हमने उन देशों की रामलीलाओं को आमंत्रित किया है। अगले वर्ष से रामायण मेले का कार्यक्रम भी जोड़ दिया जाए और हर रामलीला एक दिन मंचन करे तो श्री राम और अयोध्या को लेकर जो सवाल उठते हैं, वो बंद हो जाएंगे।
7) मुस्लिम कलाकार बोले- इस्लाम हमारा मजहब, लेकिन राम पूर्वज हैं
- “थाईलैंड में राम पूरे देश के हाईवे हैं। राजा ने अपने महल रामायण को दान कर दिया और उसे म्यूजियम में बदल दिया। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है, वहां की रामलीला यहां मंचन के लिए आई है। सभी मुस्लिम कलाकार हैं। उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि इस्लाम हमारा मजहब हो सकता है, लेकिन राम हमारे पूर्वज हैं।”
8) कुछ लोग ऐसे, जो हर काम का विरोध करते हैं
- “इस देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो हर अच्छे काम का विरोध करते हैं। मैं अयोध्या आ रहा हूं तो लोग कहेंगे कि अयोध्या क्यों आ रहे हैं? ना आऊं तो कहेंगे कि डर के मारे नहीं आ रहे हैं? अब ये मुद्दा है कि जनता के ध्यान को हटाने के लिए अयोध्या आ रहे हैं। हमने 86 लाख किसानों का कर्जा माफ किया, 37 लाख मीट्रिक टन किसाानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा, 25 हजार करोड़ रुपए गन्ना किसानों का वापस किया। 33 लाख लोगों को राशन कार्ड दिया गया और करीब 22 लाख लोगों को बिजली पहुंचाई गई, वो भी मुफ्त, 1.53 करोड़ गरीब बच्चों को बैग, किताबें, जूते-मोजे दिए गए।”
- “पिछले 15 सालों में अयोध्या में कितने दिन बिजली मिलती थी। आज अयोध्या में हम 24 घंटे बिजली देने को तैयार हैं। पहले यूपी के 3-4 जिलों में बिजली जाती थी, बाकी में नहीं। ये लोग विकास में, बिजली में भेदभाव करते थे। हमारी सरकार में चेहरा, मजहब देखकर भेदभाव नहीं किया जाता, यही राम राज्य है। वो रावण राज्य था। हम विकास के जरिए राम राज्य को साकार करना चाहते हैं। सवा सौ योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए हैं। जातिवाद, क्षेत्र के नाम पर देश को बांटने वाले बेनकाब हुए हैं और अब आरोप लगा रहे हैं वो लोग।”
हेलिकॉप्टर से बरसाए गए राम-लक्ष्मण पर फूल
- राज्यपाल राम नाईक और योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे।
- सीएम योगी और राज्यपाल राम नाईक ने राम, लक्ष्मण और सीता का स्वागत किया। भगवान राम, लक्ष्मण और सीता पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।
- योगी ने रामकथा पार्क में राम और लक्ष्मण की आरती उतारी। इस दौरान उनके साथ राम नाईक, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा-केशव मौर्य और रीता बहुगुणा जोशी भी मौजूद रहे।
- रामकथा पार्क में श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया।
बन सकता है वर्ल्ड रिकॉर्ड
- इस बार छोटी दिवाली के मौके पर करीब 14 हजार लीटर तिल के तेल से 1.71 लाख दीप जलाए गए। योगी सरकार एक साथ सबसे ज्यादा दीप जलाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहती है। इससे पहले यह रिकॉर्ड बाबा राम रहीम के नाम पर दर्ज है। हरियाणा के सिरसा में 23 सितंबर 2016 को हुए एक प्रोग्राम में डेढ़ लाख से ज्यादा दीप जलाए गए थे।

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