मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के लोग खा रहे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेल, हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कम
रà¥à¤®à¤¨à¥€ घोष, इंदौर। देशà¤à¤° में जब खिचड़ी के बहाने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ वरà¥à¤§à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ को लेकर बहस चल पड़ी है, à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के लोग जो खाना खाते हैं उसमें सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कम हैं और तेल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾? मतलब यह कि देश के दिल में तेल जमा है। यह रिपोरà¥à¤Ÿ हैदराबाद सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ (à¤à¤¨à¤†à¤ˆà¤à¤¨) ने शहरी इलाकों में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¥‹à¤œà¤¨ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ और आहार में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता का सरà¥à¤µà¥‡ करने के बाद जारी की है। इस सरà¥à¤µà¥‡ में मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सहित 16 राजà¥à¤¯ शामिल थे।
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤-महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° बेहतर सरà¥à¤µà¥‡ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• देशà¤à¤° में गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ और महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° के लोगों का à¤à¥‹à¤œà¤¨ दूसरे राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बेहतर है। यहां गेहूं या चावल के अलावा मकà¥à¤•ा, बाजरा, जà¥à¤µà¤¾à¤° आदि के à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤‚जन à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल हैं। हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। à¤à¤• या डेॠचमà¥à¤®à¤š तेल में बनी खिचड़ी ही पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• जहां तक खिचड़ी की बात है तो à¤à¤¨à¤†à¤ˆà¤à¤¨ की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और काउंट योर फूड पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ से जà¥à¥œà¥€ डॉ. के दमयंती बताती हैं कि खिचड़ी बहà¥à¤¤ तरीके से बनाई जाती है, लेकिन पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता के मापदंड में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤• चमà¥à¤®à¤š या डेॠचमà¥à¤®à¤š तेल में बनी खिचड़ी ही पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• मानी जाती है। इस माप से बनी 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® खिचड़ी में 400 गà¥à¤°à¤¾à¤® कैलोरी और 8-9 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है।