योगी, à¤à¤¾à¤—वत और इंदà¥à¤°à¥‡à¤¶ का नाम लेने के लिठरातà¤à¤° पीटते थे ATS अफसर
इंदौर। मालेगांव बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ में शामिल होने का आरोप लगाकर à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ ने 15 दिन कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में रखा। रातà¤à¤° पटà¥à¤Ÿà¥‡ से पीटा और उलटा लटका दिया। पतà¥à¤¨à¥€-बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤œà¤¿à¤® बनाने की धमकी देकर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता, वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ यूपी के सीà¤à¤® और संघ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सहित कई बड़े नेताओं के नाम कबूलने का दबाव बनाया, लेकिन आखिरकार सच की जीत हà¥à¤ˆà¥¤
यह कहना है मालेगांव धमाके के आरोपों से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हà¥à¤ आरोपी शà¥à¤¯à¤¾à¤® साहू का है। 2008 में गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ के बाद तीन साल जेल में रहे साहू को वरà¥à¤· 2011 में जमानत मिल गई थी। मकोका कोरà¥à¤Ÿ ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को उसे केस से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कर दिया।
साउथ तà¥à¤•ोगंज निवासी साहू को मà¥à¤‚बई à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ ने उस वकà¥à¤¤ गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया था जब केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ जांच à¤à¤œà¥‡à¤‚सी मालेगांव सहित कई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर बम धमाकों में हिंदूवादी संगठनों के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की तलाश में देशà¤à¤° में छापे मार रही थी। ततà¥à¤•ालीन à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ चीफहेमंत करकरे (मà¥à¤‚बई) की टीम साहू को घंटाघर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मोबाइल दà¥à¤•ान से पकड़ कर ले गई। उस पर आरोप था कि साहू ने साधà¥à¤µà¥€ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ सिंह की मदद से सितंबर 2008 में मालेगांव के à¤à¥€à¤•ू चौक में बम पà¥à¤²à¤¾à¤¨ किया था।
उसके साथी रामजी कलसांगरा व संदीप डांगे (फरार) ने बाइक में बम लगाठऔर साहू ने चौक में जाकर खड़ी कर दी। साहू के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सबसे पहले à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ ने साधà¥à¤µà¥€ को हिरासत में लिया। उनसे मिली जानकारी के बाद à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ उसे à¤à¥€ उठाकर ले गई। दोनों को काला चौकी मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में बंद रखा जाता था। ततà¥à¤•ालीन à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ चीफ हेमंत करकरे, à¤à¤¸à¥€à¤ªà¥€ सचिन कदम व टीआई मोहन कà¥à¤²à¤•रà¥à¤£à¥€ रातà¤à¤° पूछताछ करते थे। शरीर के सारे कपड़े उतरवाकर रातà¤à¤° पटà¥à¤Ÿà¥‡ से पिटाई करते थे।
परिवार के किसी à¤à¥€ सदसà¥à¤¯ को मिलने à¤à¥€ नहीं दिया। पतà¥à¤¨à¥€ व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤œà¤¿à¤® बनाने की धमकी दी और कहा कि 'तà¥à¤® इतना कबूल कर लो कि इस बम बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ में योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ (वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सीà¤à¤®), मोहन à¤à¤¾à¤—वत (संघ पà¥à¤°à¤®à¥à¤–), इंदà¥à¤°à¥‡à¤¶ कà¥à¤®à¤¾à¤° (संघ नेता) व अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेताओं का हाथ है'। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कोरे कागजों पर साइन à¤à¥€ करवा लिà¤à¥¤ कोरà¥à¤Ÿ पेशी पर पता चला उस पर धमाकों के अनà¥à¤¯ आरोपियों को सिम उपलबà¥à¤§ कराने और षड़यंतà¥à¤° का आरोपी बना दिया है।
à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤¸ ने इस मामले में शà¥à¤¯à¤¾à¤® साहू के अलावा साधà¥à¤µà¥€ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¿à¤‚ह, करà¥à¤¨à¤² पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ पà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¤, रि. मेजर रमेश उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯, अमृतानंद, समीर कà¥à¤²à¤•रà¥à¤£à¥€, सà¥à¤§à¤¾à¤•र चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€, अजय राहिरकर, जगदीश मà¥à¤¹à¤¾à¤¤à¥à¤°à¥‡, पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ करालकी, राकेश धावड़े, शिवनारायण कलसांगरा को आरोपी बनाया गया था। जबकि रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे को फरार घोषित कर दिया।
दोनों पर समà¤à¥Œà¤¤à¤¾, मालेगांव (2006), हैदराबाद मकà¥à¤•ा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ और अजमेर शरीफ धमकों का à¤à¥€ आरोप है। शà¥à¤¯à¤¾à¤® के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• उसकी रामजी से दोसà¥à¤¤à¥€ थी। दोनों à¤à¤• साथ कारोबार करते थे। रामजी के साथ आरà¤à¤¸à¤à¤¸ की शाखाओं में जाता था। दोसà¥à¤¤à¥€ के चलते रामजी उसकी दà¥à¤•ान से मोबाइल रिचारà¥à¤œ करवाता था। सिम à¤à¥€ उसकी दà¥à¤•ान से खरीदता था।