CWG: बबीता फोगाट के साथ हà¥à¤† 'दंगल' जैसा सीन, महावीर नहीं देख पाठबिटिया का मैच
फिलà¥à¤® दंगल का à¤à¤• सीन सबको याद होगा जिसमें महावीर फोगाट की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ रहे आमिर खान अपनी बेटी गीता को मेडल जीतते हà¥à¤ नहीं देख पाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गीता के कोच ने कमरे में बंद करवा दिया था. लेकिन गोलà¥à¤¡ कोसà¥à¤Ÿ कॉमनवेलà¥à¤¥ गेमà¥à¤¸ में असल जिंदगी के महावीर फोगाट और बबीता के पिता के साथ à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ ही वाकया हà¥à¤†.
दरअसल यहां महावीर फोगाट को कमरे में बंद करने के लिये कोई असंतà¥à¤·à¥à¤Ÿ कोच नहीं था लेकिन महावीर फोगाट तब à¤à¥€ अपनी बेटी बबीता का कॉमनवेलà¥à¤¥ गेमà¥à¤¸ में सिलà¥à¤µà¤° मेडल जीतने तक के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के साकà¥à¤·à¥€ नहीं बन पाये कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह मà¥à¤•ाबला सà¥à¤¥à¤² तक पहà¥à¤‚चने का टिकट हासिल नहीं कर पाये थे.
इस दिगà¥à¤—ज कोच, जिनकी जीवनी पर फिलà¥à¤® ‘दंगल’ बनी है, यहां मौजूदा चैंपियन बबीता (53 किगà¥à¤°à¤¾) का मà¥à¤•ाबला देखने के लिये आये थे. लेकिन जब उनकी बिटिया करारा सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤‚ड लीजर सेंटर में अपना मà¥à¤•ाबला लड़ रही थी तब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर इंतजार करना पड़ा. इस पूरे घटनाकà¥à¤°à¤® से दà¥à¤–ी बबीता ने कहा, ‘मेरे पिताजी पहली बार मेरा मà¥à¤•ाबला देखने के लिये आये थे लेकिन मà¥à¤à¥‡ दà¥à¤– है कि सà¥à¤¬à¤¹ से यहां होने के बावजूद वह टिकट हासिल नहीं कर पाये.'
ऑसà¥à¤Ÿà¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ टीम ने की मदद
बबीता ने कहा, 'à¤à¤• खिलाड़ी दो टिकट का हकदार होता है लेकिन हमें वे à¤à¥€ नहीं दिये गये. मैंने अपनी तरफ से बहà¥à¤¤ कोशिश की लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर बैठना पड़ा. वह यहां तक कि टीवी पर à¤à¥€ मà¥à¤•ाबला नहीं देख पाये.’ महावीर फोगाट आखिर में तब अंदर पहà¥à¤‚च पाये जब ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ टीम बबीता की मदद के लिये आगे आयी और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे दो टिकट दिये.
सिलà¥à¤µà¤° मेडल विजेता बबीता ने कहा, ‘जब मैंने आसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ टीम से दो पास देने के लिये कहा, तब वह अंदर आ पाये. ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ टीम ने मेरी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤°à¥‡à¤¨à¤¾ तक लाने में मदद की. मैंने आईओठसे लेकर दल पà¥à¤°à¤®à¥à¤– तक हर किसी से मदद के लिये गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगायी. मैं कल रात दस बजे तक गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाती रही हालांकि आज मेरा मà¥à¤•ाबला था और मà¥à¤à¥‡ विशà¥à¤°à¤¾à¤® करने की जरूरत थी.’ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, ‘इससे बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ लगता है. मैंने दल पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सहित हर किसी से बात की थी.’
दल पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विकà¥à¤°à¤® सिसौदिया ने कहा कि पहलवानों के लिये जो टिकट थे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके कोच राजीव तोमर को दिया गया था और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बांटना उनकी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ थी. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, ‘हमें कॉमनवेलà¥à¤¥ गेमà¥à¤¸ महासंघ से जो टिकट मिले थे, हमने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संबंधित कोच को दे दिया था. हमें कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ के 5 टिकट मिले थे जो हमने तोमर को दे दिये थे. मà¥à¤à¥‡ नहीं पता कि उसे टिकट कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं मिल पाया. लगता है कि मांग काफी अधिक थी.’
à¤à¤• टिकट का सवाल...
बबीता से जब पूछा गया कि जब माता-पिता को à¤à¤•à¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤à¤¶à¤¨ दिलाने की बात आती है तो कà¥à¤¯à¤¾ सà¤à¥€ खिलाड़ियों के साथ समान रवैया अपनाया जाना चाहिà¤, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, ‘पहली बार मेरे पिताजी इतनी दूर मेरा मà¥à¤•ाबला देखने के लिये आये थे. मà¥à¤à¥‡ दà¥à¤– है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इंतजार करना पड़ा.’ बबीता ने कहा, ‘मà¥à¤à¥‡ इसकी परवाह नहीं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤à¤¶à¤¨ मिलता है या नहीं, मेरे लिये तो यह केवल à¤à¤• टिकट का सवाल था. वह कम से कम मà¥à¤•ाबला तो देख सकते थे.’
बबीता ने शटलर साइना नेहवाल की अपने पिता को सà¤à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पहà¥à¤‚च रखने वाला à¤à¤•à¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤à¤¶à¤¨ नहीं देने पर खेलों से हटने की धमकी के संदरà¥à¤ में कहा, ‘लेकिन à¤à¤• खिलाड़ी के माता-पिता को à¤à¤•à¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤à¤¶à¤¨ मिलता है तो दूसरों को à¤à¥€ मिलना चाहिà¤. केवल à¤à¤• खिलाड़ी को ही यह सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दी गयी.’
गोलà¥à¤¡ से चूकीं बबीता
बबीता फाइनल मà¥à¤•ाबले में डायना की तकनीक के आगे कमजोर नजर आईं. डायना ने पहले ही à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पहलवान पर दबाव बनाते हà¥à¤ à¤à¤• अंक हासिल किà¤. इसके बाद बबीता ने डायना पर अपनी पकड़ बनाते हà¥à¤ दो अंक बटोरे, लेकिन यहां जजों ने डायना को à¤à¥€ दो अंक दिठऔर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने फिर 3-2 से बढ़त बना ली है. बबीता ने मौका हासिल करते हà¥à¤ डायना के पैर पकड़ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पलटने की कोशिश की, लेकिन यहां डायना ने दांव मारते हà¥à¤ बबीता को ही पलटकर दो और अंक हासिल किठऔर अंत में 5-2 से सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक अपने नाम कर लिया और बबीता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा.