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प्रदेश और जनता की बेहतरी के लिये प्रशासन और जन-प्रतिनिधि टीम के रूप में काम करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की राज्य सरकार के तीन महत्वाकांक्षी अभियानों की तैयारियों की समीक्षा 

भोपाल : 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंस में तीन महत्वाकांक्षी अभियानों आनंद उत्सव, नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा और नगरोदय अभियान के संबंध में कलेक्टरों और जन-प्रतिनिधियों से रू-ब-रू बात कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और जनता की बेहतरी के लिये प्रशासन और जन-प्रतिनिधि टीम के रूप में काम करें। पूरे प्रदेश में आगामी 14 से 21 जनवरी तक आनंद उत्सव आयोजित किया जायेगा। इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जायेंगे। 'नमामि देवी नर्मदे' नर्मदा सेवा यात्रा प्रदेश में 11 दिसम्बर से 5 मई तक निकाली जायेगी। मध्यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी को प्रदूषणमुक्त करने और उसके संरक्षण के लिये व्यापक जन-अभियान चलाया जायेगा। प्रदेश में नगरोदय अभियान तीन चरण में 25 दिसम्बर से 5 फरवरी तक आयोजित किया जायेगा। इसमें शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों की शुरूआत, हितग्राहीमूलक योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने और नागरिकों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इस मौके पर वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, मुख्‍य सचिव श्री बी.पी. सिंह और जन-अभियान परिषद उपाध्यक्ष द्वय श्री प्रदीप पाण्डे और श्री राघवेन्द्र गौतम भी उपस्थित थे।

आनंद उत्सव में हर वर्ग और हर उम्र के लोग शामिल होंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आनंद विभाग का गठन राज्य सरकार की अनूठी पहल है। हर व्यक्ति आनंदित रहना चाहता है। आनंद विभाग को एक ऐसे प्लेटफार्म के रूप में विकसित किया जायेगा जो व्यक्ति के सुख और आनंद को बढ़ाने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि आनंद उत्सव में पंचायत स्तर तक होने वाले कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों और जन-प्रतिनिधियों को शामिल करें।

बताया गया कि राज्य आनंद संस्थान का गठन किया गया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक अधिकारी को आनंद विभाग का नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभाग के अधिक से अधिक काम स्वयंसेवक आनंदकों के माध्यम से किये जायेंगे। सभी नोडल अधिकारी भी आनंदक के रूप में पंजीकरण करवायेंगे। वे अपने अन्य कार्यों के साथ-साथ आनंद विभाग का काम करेंगे। आनंद उत्सव में ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जायेंगे। इसमें सभी वर्ग और सभी उम्र के लोग शामिल होंगे। उत्सव के आयोजन में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। जिलों में स्थानीय स्तर पर नगरीय क्षेत्र में भी कार्यक्रम किये जा सकते हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा नदी संरक्षण अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 'नमामि देवी नर्मदे' नर्मदा सेवा यात्रा राज्य सरकार का पवित्र और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। यह नर्मदा को स्वच्छ रखने का दुनिया का सबसे बड़ा नदी संरक्षण अभियान होगा। इसमें नर्मदा को प्रदूषणमुक्त करने और संरक्षण के लिये नदी के दोनों तटों पर वृक्ष लगाये जायेंगे। नर्मदा नदी में लगातार शुद्ध जल प्रवाहित रहे इसके प्रयास किये जायेंगे। नर्मदा के किनारों की शासकीय और वन भूमि पर वृक्षारोपण किया जायेगा। साथ ही किसानों को निजी भूमि पर वृक्ष लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। निजी भूमि पर फलदार वृक्ष लगाने पर तीन वर्ष तक किसानों को 20 हजार रूपये का मुआवजा प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष तीन साल तक दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त करने के लिये नर्मदा में कचरा डालने को रोकने, शहरों के सीवेज पानी को रोकने और नर्मदा किनारे के हर घर में शौचालय बनाने का कार्य किया जायेगा। इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।

श्री चौहान ने बताया कि नर्मदा के किनारों के गाँवों में पद यात्रा निकाली जायेगी जिसके माध्यम से पर्यावरण और नर्मदा के संरक्षण का वातावरण बनाया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में उप-यात्राएँ निकाली जायेंगी जो समीप के नर्मदा तट तक जायेगी। इसे जनांदोलन के रूप में चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के संबंध में जिस गाँव में यात्रा पहुँचे उसमें एक दिन पहले मुनादी कर सूचना दी जाये। गाँव के लोग यात्रा की अगवानी करेंगे तथा अगले गाँव तक यात्रा को छोड़ने जायेंगे। इस दौरान गाँव में नर्मदा सेवा समिति का गठन किया जायेगा और नर्मदा नदी को शुद्ध रखने और हर घर में शौचालय बनाने का संकल्प लिया जायेगा। यात्रा के दौरान नर्मदा नदी के हर घाट पर कम से कम दो चेंजिंग रूम बनाये जायें। नर्मदा नदी के किनारे वृक्षारोपण के लिये शासकीय स्थान आरक्षित किया जायेगा और वृक्षारोपण किया जायेगा।

यात्रा के दौरान शाम को आयोजित होने वाली नर्मदा माँ की सामूहिक आरती में पूरा गाँव उपस्थित रहेगा। आरती के बाद भजन मंडली के कार्यक्रम होंगे। यात्रा में धर्म गुरूओं, समाजसेवियों, पर्यावरणविदों और प्रसिद्ध हस्तियाँ शामिल होंगी। प्रदेश स्तर से रूट चार्ट बनाकर जिलों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का अनूठा सामाजिक आंदोलन है इसमें पूरी श्रद्धा से शामिल हों। यात्रा के लिये वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार प्रदेश स्तर से समन्वय करेंगे। वन मंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि एक दिसम्बर के बाद वे यात्रा के दायरे में आने वाले सभी जिलों में जिला स्तरीय समितियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

बताया गया कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान पदयात्रा और आवश्यकतानुसार वाहन से यात्रा की जायेगी। इस यात्रा के दौरान 1,909 किलोमीटर की पदयात्रा तथा 1,435 किलोमीटर की यात्रा वाहनों से की जायेगी। प्रतिदिन लगभग 25 किलोमीटर की यात्रा की जायेगी। यात्रा के दौरान जल और नदी से जुड़े समस्त विषयों पर जन-संवाद कार्यक्रम किये जायेंगे। स्वच्छता, वृक्षारोपण, जल एवं मृदा तथा पर्यावरण संरक्षण के बारे में जन-जागरण किया जायेगा। प्रदेश के 16 जिलों से यह यात्रा निकलेगी तथा अन्य जिलों में उप यात्राएँ आयोजित की जायेगी। यात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जायेंगे।

378 शहर में नगरोदय अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी 378 शहर में नगरोदय अभियान में शहरी क्षेत्र के विकास, हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने और जनसमस्याएँ निराकृत करने का अभियान चलाया जायेगा। इसे जन-अभियान के रू

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