गंगाजल से दूर हो सकती हैं घर की ये 6 परेशानियां, à¤à¤¸à¥‡ करें उपाय
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति में गंगाजल का महतà¥à¤µ लोगों के आसà¥à¤¥à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। गंगा à¤à¤—वान शंकर की जटाओं से निकलती है, इसलिठयह पवितà¥à¤° माना जाता है। गंगाजल हर तरह के कामों में काम आता है चाहे वह पूजा हो या फिर घर की शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ आदि के लिà¤à¥¤ वैदिक गà¥à¤°à¤‚थों में शà¥à¤ कामों में गंगा जल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के बारे में कई लेख मिलते हैं। आइठजानते है कि गंगाजल के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से आपकी परेशानियां कैसे दूर किया जा सकता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मां गंगा में नहाने व पूजा आदि करने से कई तरह के पाप कटते हैं। इसका वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारण यह à¤à¥€ माना गया है कि गंगा के पानी में कई पà¥à¤°à¤•ार के औषधिय गà¥à¤£ पाठजाते हैं जिसमें नहाने से कई पà¥à¤°à¤•ार के रोग खतà¥à¤® हो जाते हैं। इतना ही नहीं गंगाजल को वासà¥à¤¤à¥ शासà¥à¤¤à¥à¤° से à¤à¥€ जोड़ा गया है।
1. वासà¥à¤¤à¥ दोष खतà¥à¤® करने के लिठगंगाजल
घर पर यदि वासà¥à¤¤à¥à¤¦à¥‹à¤· है और आप उससे परेशान रहते हों तो अपने घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव करें। à¤à¤¸à¤¾ नियमित करने से वासà¥à¤¤à¥ दोष का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ खतà¥à¤® हो जाता है और घर पर सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ आती है। घर में गंगाजल का सदैव छिड़काव करना चाहिà¤à¥¤
2. यदि डरावने सपने आते हों
यदि रात को डरवाने सपने आते हों तो हमेशा सोने से पहले बिसà¥à¤¤à¤° पर गंगाजल का छिड़काव कर दें। à¤à¤¸à¤¾ करने से डरवाने सपने इंसान को परेशान नहीं करते हैं।
सà¥à¤–-शांति
गंगाजल को हमेशा घर पर रखने से सà¥à¤– और संपदा बनी रहती है। इसलिठà¤à¤• पातà¥à¤° में हमेशा गंगाजल à¤à¤°à¤•र रखें।
शà¥à¤ लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿
à¤à¤—वान सदा शिव को गंगाजल चà¥à¤¾à¤¨à¥‡ से वे अति पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ होते हैं । इससे इंसान को मोकà¥à¤· और शà¥à¤ लाठदोनों ही मिलते हैं।
धन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿
धन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤—वान शिव को बिलà¥à¤µà¤ªà¤¤à¥à¤° कमल और गंगा का जल चà¥à¤¾à¤à¤‚।
काम में सफलता
तरकà¥à¤•ी और सफलता पाने के लिठगंगाजल को हमेशा अपने पूजा सà¥à¤¥à¤² और किचन में रखें। यदि आपके ऊपर करà¥à¤œ अधिक हो गया है या घर में परेशानियां ही परेशानियां हो तो आप गंगाजल को पीतल की बोतल में à¤à¤°à¥‡à¤‚ और उसे अपने घर के कमरे में उतà¥à¤¤à¤° पूरà¥à¤µ दिशा में रख दें। इससे आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ हल हो जाà¤à¤—ी।
अमृततà¥à¤²à¥à¤¯ माना जाता है गंगाजल
सरà¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¯ तथà¥à¤¯ है कि यà¥à¤—ों पहले à¤à¤¾à¤—ीरथ जी गंगा की धारा को पृथà¥à¤µà¥€ पर लाये थे, à¤à¤¾à¤—ीरथ जी गंगा की धरा को हिमालय के जिस मारà¥à¤— से लेकर मैदान में आठवह मारà¥à¤— जीवनदायनी दिवà¥à¤¯ औषधियों व वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† है। इस कारण à¤à¥€ गंगा जल को अमृततà¥à¤²à¥à¤¯ माना जाता है।