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महाराज पर बोले ज्योतिरादित्य, शिवराज को मेरी दादी-बुआ से पूछना चाहिए था

मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने पूरा दम लगा दिया है. नेता एकदूसरे पर भी जोरदार हमले कर रहे हैं. एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई जनसभाओं में कह चुके हैं कि वो तो एक साधारण आदमी हैं, उनके सामने तो महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं. सिंधिया ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि अगर शिवराज को सवाल उठाना था तो 25 साल पहले मेरी दादी से पूछते, मेरी बुआ से पूछते जो राजस्थान की सीएम हैं, मेरी दूसरी बुआ से पूछते जो उनके मंत्रिमंडल में ही मंत्री हैं. एमपी में अगर कोई महाराज है तो वह शिवराज सिंह चौहान हैं.

राजदीप सरदेसाई ने ज्योतिरादित्य से पूछा था कि पब्लिक आपको महाराज कहती है और शिवराज को आम आदमी मानती है. ज्योतिरादित्य ने उनकी बात काटते हुए कहा कि आम आदमी नहीं केवल शिवराज सिंह चौहान यह सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें सवाल खड़े करने थे तो 25 साल पहले मेरी दादी से कहते कि बस करिए राजमाता, वह मेरी बुआ से कहते कि बस करिए महारानी, जिन्हें उनकी ही पार्टी ने राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया है. वह मेरी दूसरी बुआ से कह सकते थे बस करिए श्रीमंत, जो उनकी ही सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. ज्योतिरादित्य ने कहा कि मध्य प्रदेश में अगर कोई महाराज है तो वह शिवराज सिंह चौहान हैं.

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया भाजपा की बड़ी नेता रही हैं. सिंधिया की एक बुआ वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की मुख्यमंत्री हैं, उनकी दूसरी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.

राजदीप के दूसरे सवाल पर कि कांग्रेस के नेता दिल्ली में रहते हैं, चुनाव के समय ही मध्य प्रदेश में आते हैं ज्योतिरादित्य का कहना था कि यह आरोप गलत है. पार्टी जहां कहती है वहां हम जाते हैं. इस तरह तो कहा जाए तो मोदी तो गुजरात से आए हैं.

मध्य प्रदेश में चेहरा कौन है, ज्योतिरादित्य सिंधिया या कमलनाथ, इस पर सिंधिया ने कहा कि सभी लोग चुनाव में मेहनत कर रहे हैं. यह जनता और हाई कमान तय करेगा कि कौन चेहरा होगा. उन्होंने कहा कि उनके पिता को लोगों ने देखा है, पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी उन्होंने उसे पूरा किया. उन्होंने भी अपने पिता से सीखा है.

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