मानो या न मानो...à¤à¤• गांव à¤à¤¸à¤¾ जहां सिरà¥à¤« à¤à¤—वान रहते हैं
जगदलपà¥à¤°à¥¤ जिस गांव के नाम से बà¥à¤²à¥‰à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ और थाना है, इतना ही नहीं जहां सैकड़ों विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाला सरकारी हाई सà¥à¤•ूल और कॉलेज à¤à¥€ है। वह लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ सरकारी रिकारà¥à¤¡ में विरान गांव है और जिस à¤à¥‚- à¤à¤¾à¤— को लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ कहा जाता है, वह दरअसल 10 गà¥à¤¨à¤¾ 10 का à¤à¤• देव सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। जहां मां लोहणà¥à¤¡à¥€ विराजित है। वहीं मंदिर के चारों तरफ रहने वाले गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ धाराऊर पंचायत के वारà¥à¤¡ कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤‚क à¤à¤• के निवासी हैं। जिला मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से 34 किमी दूर उसरीबेड़ा में लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ विकासखंड का मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, थाना, तहसील कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, हाई सà¥à¤•ूल, बैंक आदि है।
सरकारी रिकारà¥à¤¡ में लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ विकासखणà¥à¤¡ के 42 पंचायतों के अंरà¥à¤¤à¤—त कà¥à¤² 83 गà¥à¤°à¤¾à¤® है लेकिन सà¥à¤µà¤¤: लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से à¤à¤• विरान गांव है। उसरीबेड़ा -गà¥à¤¿à¤¯à¤¾ मारà¥à¤— पर सड़क किनारे बाजार परिसर में मां लोहणà¥à¤¡à¥€ का सैकड़ों साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ मंदिर है। जिला पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¤à¥à¤µ संगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤²à¤¯ के संगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤²à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¤à¤² पैकरा बताते हैं कि मंदिर के गरà¥à¤à¤—ृह में मां दà¥à¤°à¥à¤—ा के à¤à¤• रूप लोहणà¥à¤¡à¥€ के नाम से लगà¤à¤— 12वीं शताबà¥à¤¦à¥€ की दà¥à¤°à¥à¤²à¤ "ङतिमा हैं, वहीं मंदिर परिसर में माता सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ की à¤à¤• और गणेश जी की द "ङतिमाà¤à¤‚ हैं।
यह à¤à¥€ छिंदक नागवंशीय काल की "ङतीक होती हैं। इस मंदिर का गरà¥à¤à¤—ृह जो 100 वरà¥à¤—फीट में बनाया गया है। सरकारी रिकारà¥à¤¡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤—ृह वाला यह à¤à¥‚ à¤à¤¾à¤— ही विरानगà¥à¤°à¤¾à¤® लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ है। लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¿à¤¨ मंदिर के पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ धनशà¥à¤¯à¤¾à¤® ठाकà¥à¤° ने बताया कि रियासत काल से लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ और बेलियापाल à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤² रहे हैं। बताते हैं कि इन दोनों गांव के मैदान में ही चितà¥à¤°à¤•ोट के राजा हरिशà¥à¤šà¤¨à¥à¤¦à¥à¤° और उनकी बेटी चमेली के साथ वारंगल से आठराजा अनà¥à¤¨à¥à¤®à¤¦à¥‡à¤µ का यà¥à¤¦à¥à¤§ हà¥à¤† था।
मंदिर का गरà¥à¤à¤—ृह ही लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ कहलाता है। मंदिर के चारों तरफ बसी आबादी गà¥à¤°à¤¾à¤® पंचायत धरà¥à¤®à¤¾à¤Šà¤° का वारà¥à¤¡ कà¥à¤°. à¤à¤• है और यहां 900 वोटर है। लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ के नाम से कहीं और बसà¥à¤¤à¥€ नहीं है। वहीं धरà¥à¤®à¤¾à¤Šà¤° के गà¥à¤¨à¥à¤¨à¥‚ सिंह ठाकà¥à¤° बताते हैं कि सरकारी रिकारà¥à¤¡ को ही माना जाठतो लोहणà¥à¤¡à¥€à¤—à¥à¥œà¤¾ संà¤à¤µà¤¤: देश का सबसे छोटा गांव है, जो किसी देवी के नाम पर है। मंदिर में सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में तीन दिन माता की विशेष पूजा होती है।