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शिकायत पर कार्यवाई होती तो नहीं जाती डॉ पायल की जान

डॉ पायल तड़वी सुसाइड मामला शोसल मीडिया पर ट्रोल कर रहा है। देश का ज्वलंत मुद्दा भी बन चुका है। डॉ पायल तड़वी ने अपनी ही सीनियर के जातिगत तानों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी, इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ (नाजी) के राष्ट्रीय महासचिव अंकित पचौरी ने कहा कि यदि समय पर डॉ पायल की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन कार्यवाही करता तो पायल आत्महत्या नही करती। पचौरी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई- दिल्ली के निर्देश अनुसार विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में  इस वर्ग के छात्रों की शिकायत और समस्याओं के लिए एससी/एसटी सेल गठित होना चाहिए। लेकिन कई महाविद्यालयों में आज तक गठन नही हुआ है।

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