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वेटरनरी छात्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

जबलपुर (विनय शर्मा) : मध्यप्रदेश में निजी वेटरनरी कॉलेज खोलने के प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध उग्र हो गया है। जबलपुर समेत रीवा और महू वेटरनरी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। विरोध में जहां जबलपुर के विद्यार्थियों ने अपने खून से खत लिखकर विरोध जताया तो वेटरनरी कॉलेज रीवा के छात्रों ने भैंस पर सरकार का पोस्टर चिपकाकर उसके सामने बीन बजाई।

इधर महू कॉलेज के विद्यार्थियों ने सड़कों पर सब्जी और समोसे की दुकान लगाई। वेटरनरी छात्रों का कहना है कि इन प्रदर्शनों के बाद भी प्रदेश सरकार की नींद अभी तक नहीं टूटी है। 

जबलपुर वेटरनरी कॉलेज के विद्यार्थी आशुतोष पाठक, प्रवेश द्विवेदी, आनंद जैन, गजराज गुर्जर, गोविंद चौधरी, सौरभ साहू, दिलीप आर्य और अजय कौरव, तानू मिश्रा, सोनाली नामदेव, प्रियांशी मिश्रा ने प्रेसवार्ता कर अपनी मांगों को रखा। छात्रों ने कहा कि प्रदेश में पशु चिकित्सकों के स्वीकृत पद 1671 हैं, जिन्हें बढ़ाकर 7 हजार करना चाहिए। निजी वेटरनरी कॉलेज के खुलने का प्रावधान को वापस लिया जाए। लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में इंटर्नशिप के छात्रों को भी शामिल करें वहीं यूजी और पीजी की इंटर्नशिप में मानदेय राशि अभी 46 सौ है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार किया जाए। छात्राओं ने बताया कि हम पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन पर बैठे हैं, लेकिन हमारी मांगों पर अब तो कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

विद्यार्थी भूख हड़ताल पर à¤¹à¥ˆà¤‚  ,भूख हड़ताल के दौरान १ महिला विद्यार्थी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है , अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर ने यह रिपोर्ट वहां के डीएम को भी भेजी है.
सरकार इतना सब नज़रअंदाज़ कैसे कर सकती है ? यदि इस तरह के प्रदर्शन व भूक हड़ताल के चलते किसी को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचता है तो उसका ज़िम्मेदार कौन होगा ?

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