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राहुल गांधी की फिसली जुबान, अधीर रंजन की जगह खुद को बता डाला नेता-प्रतिपक्ष

नई दिल्‍ली: राहुल गांधी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था, कोरोना वायरस और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के मसले पर जब गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तो उनकी एक नहीं बल्कि दो बार जुबान फिसल गई. उन्‍होंने इस क्रम में खुद को नेता-प्रतिपक्ष (Leader of the Opposition) बता डाला. जबकि कांग्रेस की तरफ से लोकसभा में नेता-प्रतिपक्ष यानी विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी हैं. इसी तरह खस्‍ताहाल यस बैंक (Yes Bank) के बारे में बोलते वक्‍त भी उनकी जुबान फिसल गई. वह उसकी जगह एक्सिस बैंक (Axis Bank) बोल गए.

उन्‍होंने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में कहा कि आज जो शेयर बाजार में हुआ. उससे लाखों लोगों का नुकसान हुआ है, वो साफ दिख रहा है. मैं पहले से ही कह रहा था कि कोरोना वायरस का खतरा बहुत बड़ा है पर सरकार ने उसको गंभीरता से नहीं लिया. पीएम मोदी के मुंह से अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर एक शब्‍द भी नहीं निकला है.

मनमोहन सिंह ने 10 साल सरकार चलाई. हम इकोनॉमी के बारे में जानते हैं. पीएम मोदी ने अर्थव्‍यवस्‍था को नष्‍ट कर दिया. इससे सिर्फ देश की जनता का ही नुकसान होना है. देश के दस पंद्रह अरबपतियों का नुकसान नहीं होने वाला है. इस बीच राहुल गांधी से जब पूछा गया कि वे अपनी कोर टीम के सदस्‍यों को आगामी राज्‍यसभा चुनावों के मद्देनजर चुनावों में क्‍यों नहीं उतार रहे? इस पर उन्‍होंने कहा कि मैं कांग्रेस अध्‍यक्ष नहीं हूं. मैं राज्‍यसभा प्रत्‍याशियों के बारे में फैसला नहीं ले रहा हूं. मैं तो बस देश के युवाओं को अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में बता रहा हूं. मेरी टीम में कौन है और कौन नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता.

ज्‍योतिरादित्‍य का सवाल
ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बीजेपी ज्‍वाइन करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि मैं उनको कॉलेज के जमाने से जानता हूं. वो अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर डर गए. आने वाले समय में उनको अपने फैसले को लेकर अफसोस होगा. वो जो बोल रहे हैं, वो उनके दिल की बात नहीं है.

राहुल ने कहा, " ये विचारधारा की लड़ाई है. एक तरफ कांग्रेस पार्टी की विचारधारा है, दूसरी तरफ बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है. ज्योतिरादित्य को डर लग गया. उन्होंने अपनी विचारधारा को जेब में रख लिया है और बीजेपी के साथ चले गए. वहां उन्हें सम्मान नहीं मिलेगा. मेरी उनसे पुरानी दोस्ती है. उनके दिल से कुछ और जुबान से कुछ और निकल रहा है."

इससे पहले ये खबरें आई थीं कि ज्‍योतिरादित्‍य लंबे समय से राहुल गांधी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनको मुलाकात का वक्‍त नहीं दिया. इस संबंध में पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार को ज्‍योतिरादित्‍य के बारे में संसद भवन से निकलते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत (ऑफ द रिकॉर्ड) में कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया इकलौते ऐसे नेता थे जो कि मेरे घर में कभी भी किसी भी समय आ जा सकते थे. वह कॉलेज के समय से मेरे दोस्‍त थे.

 

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