हंगामों के बावजूद शीतकालीन सतà¥à¤° के आखिरी दिन खà¥à¤¶ हà¥à¤ आडवाणी!
लोकसà¤à¤¾ में चल रहे हंगामे से आहत बीजेपी के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• लालकृषà¥à¤£ आडवाणी आज खासे खà¥à¤¶ नजर आà¤à¥¤ लोकसà¤à¤¾ के सतà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¨ के बाद सà¤à¥€ दलों के बड़े नेता अनौपचारिक मà¥à¤²à¤¾à¤•ात के सà¥à¤ªà¥€à¤•र सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾ महाजन के कमरे में पहà¥à¤‚चे, तो लालकृषà¥à¤£ आडवाणी ने आखिरी दिन के काम काज पर संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ जतायी। सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ ने बताया कि आडवाणी ने सà¥à¤ªà¥€à¤•र से कहा कि आज मैं काफी संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हूं। आज जिस तरह सदन में सारà¥à¤¥à¤• चरà¥à¤šà¤¾ हà¥à¤ˆ उससे बड़ा अचà¥à¤›à¤¾ लगा। पिछले सारे दिन के घटनाकà¥à¤°à¤® के बाद ये à¤à¤• सारà¥à¤¥à¤• दिन था। तमाम पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आला नेताओं का सà¥à¤ªà¥€à¤•र के कमरे में आना जाना लगा हà¥à¤† था। पीà¤à¤® मोदी, सोनिया गांधी, राजनाथ सिंह, मलà¥à¤²à¤¿à¤•ारà¥à¤œà¥à¤¨ खड़गे जैसे नेता à¤à¥€ सà¥à¤ªà¥€à¤•र के कमरे में पहà¥à¤‚चे थे।
सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ की माने तो मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ आडवाणी की बातें सà¥à¤¨à¤•र वहां मौजà¥à¤¦ तमाम नेता मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ दिà¤à¥¤ सूतà¥à¤° ये à¤à¥€ बताते हैं कि सà¥à¤ªà¥€à¤•र के कमरे में हà¥à¤ˆ इन अनौपचारिक मà¥à¤²à¤¾à¤•ातों के दौर में दलों के बीच कोई कडवाहट à¤à¥€ नजर नहीं आयी। सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾ महाजन ने à¤à¥€ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ जतायी कि अगले बजट सतà¥à¤° में फिर मिलें तो à¤à¤¸à¥‡ ही मिलजà¥à¤² कर काम होता रहेगा।
सतà¥à¤° के आखिरी दिन à¤à¥€ लोकसà¤à¤¾ को दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚ग को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अधिकार देने का बिल पास करना था। विपकà¥à¤· का मूड जानते हà¥à¤ सरकार à¤à¥€ तैयार बैठी थी कि हंगामें के बीच ही पास करा लिया जाà¤à¥¤ पर सà¥à¤ªà¥€à¤•र सà¥à¤®à¥€à¤¤à¥à¤°à¤¾ महाजन ने कोशिशें जारी रखी कि महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚गो के लिठअति महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ इस बिल को पास करने में सà¤à¥€ पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤•जà¥à¤Ÿ दिखें तो बेहतर संदेश जाà¤à¤—ा। सरकार à¤à¥€ चाहती थी कि सब à¤à¤• हो जाà¤à¤‚ तो ही बेहतर। à¤à¤¸à¥‡ में तमाम पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ दिखाई। बिल पास à¤à¥€ हो गया। यही लोकतंतà¥à¤° की मजबूती है कि तमाम मनà¤à¥‡à¤¦ और मतà¤à¥‡à¤¦ होने के बावजà¥à¤¦ अगर à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ काम के लिठà¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ दिखानी हो तो सब à¤à¤• हो जाते हैं।
अब बात राहà¥à¤² बनाम पीà¤à¤® मोदी की। दोनों à¤à¤• दूसरे पर नोटबंदी के लेकर अरसे से हलà¥à¤²à¤¾ बोल रहे थे। विपकà¥à¤· की सदन की à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ à¤à¥€ सड़क पर नजर नहीं आ रही थी। यहां à¤à¥€ तमाम क़वाहट à¤à¥‚ल कर यà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ राहà¥à¤² अपने सिपहसालारों के साथ जा पहà¥à¤‚चे पीà¤à¤® मोदी के पास। वो à¤à¥€ किसानों की समसà¥à¤¯à¤¾ बांटने। उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के किसानों के खसà¥à¤¤à¤¾ हाल की शिकायत की और पीà¤à¤® को बताया कि न वहां के किसानों के बिजली मिलती है उलटे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बड़े बिजली के बिल मिल जाते हैं। जाहिर है शिकायत अखिलेश सरकार से थी। à¤à¤¸à¥‡ में न सपा साथ आयी और न ही बसपा। लेकिन अब राहà¥à¤² ने à¤à¤• कदम आगे बढाठतो पीà¤à¤® मोदी à¤à¤²à¤¾ कैसे पीछे हटते। राहà¥à¤² को कह दिया मिलते रहा कीजिà¤à¥¤ यानि मिलते जà¥à¤²à¤¤à¥‡ रहे तो कड़वाहट अपने आप दूर होती चली जाà¤à¤—ी।