विनेश फोगाट पर फैसले का समय बढ़ा, कल फैसला सुनाएगा खेल पंचाट
भारत को पेरिस ओलंपिक के 15वें दिन महिला पहलवान रितिका हुड्डा से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रहेगी जो फ्री स्टाइल 76 किग्रा के प्री क्वार्टर फाइनल से अपने अभियान की शुरुआत कर चुकी हैं। रितिका क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं।विनेश फोगाट को लेकर खेल पंचाट में शुक्रवार को ही सुनवाई हो चुकी है। इसको लेकर फैसला आज आना था। हालांकि, अब भारतीय ओलंपिक संघ के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया है कि फैसले की समय सीमा को बढ़ दिया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पहले बताया था कि 13 अगस्त को फैसला आएगा। हालांकि, 10 मिनट बाद उन्होंने नया अपडेट देते हुए बताया कि अब 11 अगस्त तक खेल पंचाट फैसला सुना सकता है। यानी विनेश को लेकर फैसला कल रविवार को आएगा। इसमें सिर्फ छोटा सा ऑर्डर होगा। डिटेल्ट ऑर्डर बाद में दिया जाएगा। विनेश ने खेल पंचाट से उन्हें रजत पदक देने की मांग की थी। विनेश को फाइनल से ठीक पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन होने की वजह से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। इसके बाद विनेश ने खेल पंचाट के सामने अपील दायर की थी और उन्हें संयुक्त रजत देने की मांग की थी। इस पर सुनवाई तो पूरी हो चुकी है, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया है। रितिका हुड्डा को क्वार्टर फाइनल में हार गईं। उन्हें किर्गिस्तान की शीर्ष वरीय अयापेरी मेदेत किजी ने हरा दिया। पेसिविटी टाइम में रितिका ने 1-0 की बढ़त बना ली थी। पहले राउंड के बाद यही स्कोर था। हालांकि, दूसरे राउंड मे किर्गिस्तान की एथलीट ने को भी पेसिविटी टाइम में एक अंक मिला और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। यह रितिका पहला ओलंपिक था। किर्गिस्तान की पहलवान ने बाद में अंक अर्जित किए थे, इसलिए नियमों के हिसाब से उन्हें जीत मिली। इस ओलंपिक में कुश्ती के नियमों ने भारत के स्वर्ण पदक की उम्मीदों को काफी झटका दिया है। अब रितिका चाहेंगी कि किजी फाइनल में पहुंचें ताकि रेपेचेज से रितिका कांस्य के लिए भिड़ सकें।