अफसरों के बाद ये डॉक्टर और प्रोफेसर टिकिट पाने की लाइन में
हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर जहां राजनीतिक दल रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं नेता और कार्यकर्ता टिकट की जुगत में लगे हैं। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली दरबार तक लॉबिंग चल रही है। पहली बार 12 से अधिक सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारी, शिक्षाविद् व डॉक्टर टिकट की लाइन में लगे हैं। कुछेक को घोषणा का इंतजार है, जबकि कुछेक ने अपने-अपने हलकों में सक्रियता बढ़ा दी है। खास बात है कि टिकट के चाहवान डॉक्टर और प्रोफेसर पुराने राजनीतिक घरानों से ताल्लुक रखते हैं और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वहीं, अफसर नई पारी शुरू करना चाहते हैं। हालांकि यह पारी अधिकतर अधिकारियों को रास नहीं आई।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आइडी स्वामी, कृपा राम पूनिया और अभय सिंह यादव जैसे नेता लंबे समय तक नहीं टिक पाए। आईपीएस रणबीर शर्मा भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बात नहीं बनी। इसी तरह रिटायर्ड आइएएस युद्धवीर ख्यालिया हिसार से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। टिकटों को लेकर चल रही खींचतान में यह देखना रोचक रहेगा कि इस बार किसका नंबर लगता है।
ये अधिकारी कर रहे तैयारी
लोकसभा चुनाव में सेवानिवृत्त आईएएस चंद्रप्रकाश हिसार से कांग्रेस का चाह रहे थे, जबकि पूर्व डीजीपी बीएस संधु अंबाला से भाजपा का टिकट मांग रहे थे। विधानसभा चुनावों में ये दोनों अधिकारी टिकट चाह रहे हैं। इनके अलावा सेवानिवृत्त आईएएस वजीर सिंह, आरएस वर्मा और विनय सिंह यादव की टिकट की चाह में हैं।
आईपीएस सुभाष यादव, वी कामराजा, श्रीकांत जाधव और शील मधुर के नाम भी चर्चा में हैं। रिटायर्ड एचसीएस अधिकारी अमरजीत सिंह भी राजनीतिक पारी की शुरुआत करना चाहते हैं। इससे पहले, रिटायर्ड डीजीपी हंसराज स्वान, रिटायर्ड एडीजीपी रेशम सिंह भाजपा से जुड़े रहे हैं और रिटायर्ड डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक इनेलो की सक्रिय राजनीति कर रहे हैं।
ये डॉक्टर व प्रोफेसर लाइन में, ज्यादातर को कांग्रेस से आस
-पंडित भगवत दयाल शर्मा विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डाॅ. एसएस सांगवान पिछली बार भी पानीपत ग्रामीण सीट से कांग्रेस में टिकट के दावेदार थे और इस बार भी हैं। डाॅ. सांगवान का कहना है कि उन्होंने पहले डाॅक्टर के रूप में जनता की सेवा की है, अब वह विधानसभा प्रतिनिधि के रूप में सेवा के लिए तैयार हैं।
पीजीआई रोहतक में गायनी विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. पुष्पा दहिया खरखौदा भी कांग्रेस से टिकट चाह रही हैं। वह खरखौदा के गांव लाठ की निवासी हैं और उनके पति डाॅ. अशोक चौहान पीजीआई में सेवाएं दे चुके हैं। डाॅ. चौहान के पिता श्याम चंद पूर्व मंत्री रहे हैं। डाॅ. दहिया इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहती हैं। पीजीआई के ही डाॅ. संजय जोहर आदमपुर से कांग्रेस टिकट मांग रहे हैं।
सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार प्रोफेसर मनोज सिवाच महम से कांग्रेस के दावेदार हैं। उनके पिता चौधरी उमेद सिंह सिवाच 1972 में महम से निर्दलीय विधायक रहे चुके हैं। डॉ. सिवाच और उनकी पत्नी डाॅ. प्रियंका सिवाच वर्तमान में सीडीएलयू सिरसा में वरिष्ठ अर्थशास्त्र प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. सिवाच ने कहा कि महम के लोग हमेशा मेरे दिल के करीब रहे हैं। वे अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालना चाहते हैं।
सीडीएलयू में कमिस्ट्री की एसोसिएट प्रोफेसर गीता राठी ने भी महम से टिकट मांगा है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा की करीबी मानी जाती हैं। इसी विवि के अर्थशास्त्र विभाग के डाॅ. रोहताश नरवाना से कांग्रेस और प्रोफेसर रानी देवी हथीन से इनेलो से टिकट की जुगत में हैं। वह पूर्व विधायक बीएस रावत की बेटी हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए कैलाश मास्टर महेंद्रगढ़ से लड़ने की चाह में हैं।
सोशल एक्टिविस्ट व कांग्रेस नेता शवेता ढुल कलायत से और हर्ष छिकारा गोहाना से कांग्रेस की टिकट मांग रहे हैं।
शकुंतला खटक के बाद से बदला पीजीआई का माहौल
शकुंतला खटक के विधायक बनने के बाद से पीजीआई रोहतक के स्टाफ में राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ी है। कलानौर से कांग्रेस विधायक शकुंतला पीजीआई में स्टाफ नर्स थी। इस दौरान उनके हुड्डा परिवार के साथ पारिवारिक संबंध बने तो 2009 मेें वह विधायक बन गईं। इसके बाद से डाॅक्टर व प्रोफेसर राजनीतिक करियर में हाथ आजमाने की जुगत में हैं।
बृजेंद्र व दुग्गल समेत ये मैदान में उतरने को तैयार
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर रिटायर्ड आइएएस बृजेंद्र सिंह 2019 में भाजपा से सांसद बने। इस बार वह उचाना से कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। इसी प्रकार, रिटायर्ड आइआरएस अधिकारी से 2019 में भाजपा की सांसद बनीं सुनीता दुग्गल रतिया से टिकट की दावेदार हैं। यहीं से 2014 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर दो बार से विधायक बनते आ रहे सिंचाई मंत्री अभय सिंह यादव तीसरी बार मैदान में उतरेंगे। उनके मुकाबले कांग्रेस से विनय सिंह नांगल टिकट मांग रहे हैं। पूर्व आइएएस अधिकारी चंद्र प्रकाश नलवा और रिटायर्ड आइपीएस अधिकारी सुभाष यादव अटेली से कांग्रेस टिकट के दावेदार हैं। रिटायर्ड आइएएस अधिकारी प्रदीप कासनी कांग्रेस में टिकट के लिए सक्रिय हैं।