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चंबल में बंदूक वाले गणेश जी: डकैत की कनपटी पर बंदूक ताने हैं गौसपुरा के राजा, खूब हो रही है चर्चा

गणेशोत्सव चल रहा है और जगह-जगह श्री गजानन के अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। मध्यप्रदेश के चंबल-अंचल में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा ने सबका ध्यान खींचा है। क्योंकि यहां गणेश जी हाथ में बंदूक़ लिए विराजमान हैं। आइए गणेश विसर्जन से पहले आपको भी कराते हैं, ग्वालियर में गन वाले गणेश जी के दर्शन।

हाथ में रायफल, कांधे पर कारतूसों की लड़ी डकैत पर ताने बंदूक के साथ ये गणेश जी का यह स्वरूप चंबल के ग्वालियर में विराजमान है। शहर के हजीरा क्षेत्र में गौस पुरा गणेश उत्सव आयोजन समिति ने यह अनोखी प्रतिमा विराजित की है। समिति के सदस्यों का कहना है कि गणेश जी का यह स्वरूप उन्होंने बहुत सोच समझ कर तैयार कराया है। पहले वे वर्ल्ड कप थीम पर गणेश जी की प्रतिमा लेकर आने वाले थे। लेकिन वह संभव नहीं हो सका, इसलिए इस स्वरूप की प्रतिमा का चुनाव किया।

 आख़िर यहां भगवान श्री गणेश ने हाथ में बंदूक पकड़ी है और इसके पीछे क्या उद्देश्य है। जब यह सवाल हमने आयोजन समिति के सदस्यों से किया तो उनका कहना था कि लगातार चंबल क्षेत्र में क्राइम बढ़ रहा है। बंदूक से इस क्षेत्र का पुराना नाता है। आज अपराधी रायफल और बंदूकों का उपयोग गलत इरादों से करते हैं। ऐसे में यह उनको एक चेतावनी है कि भगवान श्री गणेश की आगे कोई भी टिक नहीं सकता।

रायफल भी एक अस्त्र
गणेश भक्तों का कहना है कि हमेशा से ही भगवान के हाथ में कोई न कोई अस्त्र होता है और रायफल भी एक तरह का अस्त्र ही है। इसकी भी सभी लोग पूजा करते हैं। इसलिए नई सोच के हिसाब से हमने गणेश जी को रायफल के साथ विराजमान किया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों जिस तरह चंबल के युवा हाथ में हथियार लहराते दिखाई देते हैं। कई तरह की रिलीज़ बनाते हैं। ठीक वैसे ही स्वरूप में जब आह्वान गणेश को यहां देखा जा रहा है तो इसकी तुलना करने पर आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि भगवान यहां दबंगई नहीं दिखा रहे, वे तो राक्षस रूपी डकैत पर बंदूक ताने खड़े हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपराध कम करने आए हैं और बता रहे हैं कि अगर हथियार अपराधी उठा सकते हैं तो गणेश जी भी उनको ख़त्म करने के लिए बंदूक़ उठा सकते हैं।

हर तरफ़ हो रही चर्चा
बहरहाल, कहीं और भगवान श्री गणेश वर्ल्ड कप जिताते दिख रहे हैं तो कहीं चांद पर जाते दिखते हैं। कहीं गजानन के रूप में विराजमान हैं तो कहीं बाल गणेश के रूप में लीलाएं दिख रही हैं। लेकिन चंबल में विराजे गणेश इस क्षेत्र की छवि को दर्शा रहे हैं, जो अब सुर्ख़ियों में छाई हुई है।

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