20 हजार की रिश्वत लेते जनपद सीईओ गिरफ्तार
दमोह जिले की पटेरा जनपद में पदस्थ सीईओ भूर सिंह रावत को मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सागर लोकायुक्त टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ब्लॉक की कुटरी ग्राम पंचायत के सरपंच की शिकायत पर की गई। सीईओ रावत हटा जनपद सीईओ का प्रभार भी संभाल रहे थे, जहां उन पर कई अनियमित भुगतान के आरोप पहले से ही लगे हुए हैं।कुटरी ग्राम पंचायत के सरपंच रामकुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले दो साल से बाउंड्री वॉल निर्माण का मूल्यांकन नहीं हो रहा था, जिसके कारण उनका ₹5 लाख का भुगतान अटका हुआ था। जनपद सीईओ द्वारा 15-20 प्रतिशत कमीशन की राशि रिश्वत के रूप में मांगी जा रही थी। इससे परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त डीएसपी मंजू सिंह ने बताया कि सरपंच मिश्रा ने 18 दिसंबर को सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी कि जनपद सीईओ रावत उनके बाउंड्री वॉल निर्माण का भुगतान रिश्वत के बिना नहीं कर रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि जनपद सीईओ पंचायत के किसी भी निर्माण कार्य के बिल भुगतान के बदले 10 प्रतिशत कमीशन लेते हैं।शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने इसकी पुष्टि की, जिसमें सीईओ द्वारा भ्रष्टाचार की बात स्पष्ट हुई। इसके बाद टीम ने पटेरा में कार्रवाई की। सरपंच से ₹20,000 की रिश्वत का सौदा तय हुआ था। मंगलवार सुबह सरपंच ने जैसे ही सीईओ को पैसे दिए, लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।सीईओ भूर सिंह रावत के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है है। भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार सीईओ रावत पटेरा के अलावा हटा जनपद सीईओ का भी प्रभार संभाल रहे थे।