विधानसभा में फिर गूंजा सौरभ शर्मा का मामला, कांग्रेस का वॉक आउट
मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई। इस दौरान सदन के अंदर और बाहर विपक्ष ने कई मामलों को लेकर जम कर हंगामा भी किया। विपक्ष ने फिर सौरभ शर्मा के मामले को लेकर हंगामा किया। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर साढ़े 11 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा की गई। इसके बाद बजट पर चर्चा हुई। इसमें बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि यह बजट अब तक का सबसे अच्छा बजट रहा है। यह सर्वस्पर्शी बजट है। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 17 मार्च तक स्थगित कर दी गई। इस दिन बजट पर चर्चा भार्गव के वक्तव्य के साथ ही शुरू होगी।प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि आज तक प्रदेश के विभिन्न कैटेगरी के चिकित्सालय अनुसार उनकी संख्या तथा उसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पड़े पदों की संख्या क्या है। प्रदेश में कितने प्रतिशत पद कैटिगरी के हिसाब से कम हैं और उसका क्या कारण है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कैग ने कई आपत्तियां लगाई हैं उसको लेकर सरकार द्वारा क्या जवाब दिया गया। सरकार की तरफ से उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि खाली पड़े चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि विपक्षी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और सदन से वॉकआउट कर दिया।कांग्रेस विधायकों ने परिवहन घोटाले की जांच को लेकर विधानसभा परिसर में मौजूद गांधी प्रतिमा के सामने अनोखा प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायक अपने हाथों में प्रतीकात्मक सोने की ईंट और कंकाल बने कपड़े पहनकर आये और परिवहन घोटाले में शामिल सभी किरदारों को बेनकाब करते हुए जांच की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि परिवहन घोटाला प्रदेश का नर्सिंग के बाद सबसे बड़ा घोटाला है और सरकार इसमें लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा इसी घोटाले के चलते मंत्री गोविंद राजपूत, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, इनके सहयोगी संजय श्रीवास्तव, संजय डांडे, वीरेश तुमराम जैसों ने हजारों करोड़ की संपत्ति बना ली है, सरकार इनकी जांच क्यों नहीं कराना चाहती।