दोस्तों को पत्र लिखकर कहा-मुझे नाचते हुए विदा करना - बैंड की धुन पर नाचा यार
दोस्ती सिर्फ एक शब्द नहीं है, ये एक विश्वास है। जो बचपन, जवानी और बुढ़ापे तक साथ निभाता है। प्रदेश के मंदसौर जिले से दोस्ती की एक ऐसी ही दिल छू लेने वाली दास्तां सामने आई है। जहां, एक व्यक्ति ने दोस्त की मौत के बाद उसकी अंतिम इच्छा को पूरा किया। उसने बैंड बाजे के साथ शव यात्रा में डांस किया और अपने दोस्त को अंतिम विदाई दी। इस अंतिम विदाई के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दरअसल, मंदसौर जिले के जवासिया गांव में रहने वाले सोहनलाल जैन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित थे। ऐसे में 9 जनवरी 2021 को उन्होंने अपने मित्र अंबालाल प्रजापत और शंकरलाल पाटीदार के नाम एक पत्र लिखा था। इसमें अपने दोस्तों को संबोधित करते हुए सोहनलाल ने लिखा- अंबालाल प्रजापत और शंकरलाल पाटीदार को मेरा अंतिम बार राम-राम, अपने साथ वालों को भी मेरा अंतिम राम राम बोल देना। विशेष शुभ समाचार यह है कि मैं कागज लिख कर दे रहा हूं कि मैं जब इस दुनिया में न रहूं, तब तुम मेरी अंतिम यात्रा में शामिल होकर अर्थी के आगे नाचते-कूदते मुझे विदा करना। कोई रोना-धोना नहीं करना। खुशी-खुशी मुझे विदा करना। मनुष्य जीवन में जब से हम साथ हैं, इस बीच मुझसे अंजाने में कोई गलती हुई हो तो मुझे क्षमा करना। समय आने पर मेरी अंतिम इच्छा पूरी करना। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात कैंसर से जूझ रहे सोहनलाल जैन का निधन हो गया। इसकी सूचना उनके दोनों दोस्तों को दी गई। इसके बाद उन्होंने अपने मित्र सोहनलाल की अंतिम इच्छा पूरी करने का फैसला लिया और बैंड बाजा लेकर अंतिम यात्रा में पहुंच गए। यात्रा में शामिल होकर अंबालाल प्रजापत ने जमकर डांस किया और दोस्त की इच्छा के अनुसार बिना रोए नाचते-कूदते उसे आखिरी विदाई दी। अंबालाल प्रजापत ने बताया कि मेरे दोस्त की अंतिम इच्छा थी कि उसकी शवयात्रा मैं और शंकरलाल पाटीदार डांस करके उसे अंतिम विदाई दें। शंकरलाल किसी कारणवश अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सका, लेकिन, मैंने मेरे दोस्त की अंतिम इच्छा पूरी की, उसे नाचते हुए विदा किया। भगवान से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति दें।