कुबरेश्वर धाम में चार DSP, सात TI समेत 400 पुलिसकर्मी थे तैनात, फिर भी मच गई भगदड़
सावन मास की पवित्र बेला में सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पर उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब मंगलवार को हृदयविदारक हादसे में तब्दील हो गया। भारी सुरक्षा बंदोबस्त और प्रशासनिक दावों के बावजूद रुद्राक्ष वितरण के दौरान अफरातफरी मच गई, जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और कई श्रद्धालु घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब अचानक रुद्राक्ष वितरण को बीच में ही रोक दिया गया, जिससे बेकाबू भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें 4 डीएसपी, 7 थाना प्रभारी (टीआई) और 30 सब-इंस्पेक्टर शामिल थे। इसके बावजूद जब रुद्राक्ष वितरण अचानक रोका गया तो प्रशासन भीड़ को संभालने में नाकाम रहा। चंद मिनटों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ में दबने से दो महिलाओं की जान चली गई। यह घटना न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि धार्मिक आयोजनों की योजना और प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।छह अगस्त को निकली जाने वाली कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु सीहोर पहुंचे हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, सूरत और बेंगलुरु जैसे महानगरों से आए भक्तों से पूरा इलाका भर गया है। नतीजन, धार्मिक स्थलों, धर्मशालाओं, होटलों और लॉजों में तिल भर जगह नहीं बची। भोजन, पानी, रुकने और दर्शन की व्यवस्थाएं भीड़ के सामने पूरी तरह टूट गईं।हादसे में घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। दोनों की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने हादसे के बाद मेडिकल सुविधाओं को सक्रिय किया, लेकिन घटनास्थल पर प्राथमिक चिकित्सा टीमों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया।अधिकारियों ने लिया था जायजा, फिर भी नहीं रोक पाए हादसा
घटना से ठीक एक दिन पहले अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह और एसडीएम तन्नय वर्मा ने कुबेरेश्वर धाम में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। पर वास्तविकता यह रही कि जब भीड़ ने विकराल रूप लिया तो समन्वय और नियंत्रण की पूरी प्रणाली चरमरा गई। न तो पर्याप्त पुलिस बल वहां मौजूद था और न ही त्वरित राहत पहुंचाने वाली टीमें।
पुलिस ने भगदड़ से किया इनकार, लेकिन मौतों की पुष्टि
एएसपी सुनीता रावत ने घटना को भगदड़ मानने से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि रुद्राक्ष वितरण के रुकने से उपजे तनाव में धक्का-मुक्की हुई, जिसमें दो महिलाओं की मौत और तीन-चार अन्य के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और वहां से निकलना भी मुश्किल हो गया था।