क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में बिगड़ेगा NDA का खेल? अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद बी सुदर्शन रेड्डी का बड़ा दावा
उप-राष्ट्रपति पद के इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सांसदों का समर्थन मांगने लखनऊ आए। यहां प्रदेश सपा मुख्यालय पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जो दल इंडिया गठबंधन में नहीं हैं, वे भी उनकी मदद को आगे आ रहे हैं। यह राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक पद है, इसलिए सभी दल उनका समर्थन करें। वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव खड़े रहेंगे।
बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि विपक्षी दलों ने मुझ पर विश्वास रखकर उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। इसके लिए वे सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा, चुनाव में इंडिया गठबंधन के सभी दलों के साथ जो दल गठबंधन में नहीं हैं, वे भी मदद देने के लिए आगे आ रहे हैं। मैं उत्तर प्रदेश में सांसदों का समर्थन मांगने के लिए आया हूं।
बी सुदर्शन रेड्डी ने अपने बयान में आगे कहा कि, उप राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीतिक कार्यालय नहीं है। यह एक उच्च संवैधानिक कार्यालय और दायित्व है। संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि इसके साथ मेरी यात्रा 1971 में बार के साथ शुरू हुई थी। मैं संवैधानिक मूल्यों के साथ खड़ा हूं। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि संविधान के साथ मेरी यात्रा जारी रहेगी। उन्होंने अपनी उम्मीदवारी और समर्थन के लिए सपा समेत अन्य सभी राजनीतिक दलों का आभार प्रकट किया। कहा कि उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया और सपा संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव से बहुत कुछ सीखा है। सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे उनका समर्थन मेरिट के आधार पर करें।