"नमामि देवी नरà¥à¤®à¤¦à¥‡"- सेवा यातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤• यातà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² : इनसे मिलिये, ये हैं होशंगाबाद के बाबरी घाट निवासी शà¥à¤°à¥€ बी.के. हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€à¥¤ घर नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ से सटा है। बचपन नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के सानà¥à¤¨à¤¿à¤§à¥à¤¯ में गà¥à¤œà¤°à¤¾à¥¤ अपनी माठतà¥à¤²à¥à¤¯ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के मैले होते रूप को देख आकà¥à¤°à¥‹à¤¶à¤¿à¤¤ à¤à¥€ रहे पर करें कà¥à¤¯à¤¾ सोचते रहे कि अकेला चना कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¥œà¤¾ à¤à¥‹à¤‚क सकता है। फिर मौका मिल गया। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान के नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ संरकà¥à¤·à¤£ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में योगदान देने साइकिल से ही निकल पड़े। पिछले 43 दिन में 273 गाà¤à¤µ होकर à¤à¤• हजार से अधिक किलोमीटर का सफर तय किया। हर जगह माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के संरकà¥à¤·à¤£ का संदेश दे रहे हैं।