CONG के मà¥à¤‚बई अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· संजय निरà¥à¤ªà¤® का इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾, BMC चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में तीसरे नंबर पर पारà¥à¤Ÿà¥€
बीà¤à¤®à¤¸à¥€ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के रà¥à¤à¤¾à¤¨ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लिठअचà¥à¤›à¥€ खबर नहीं लाठहैं. अब तक के रà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को देखकर लगता है कि पारà¥à¤Ÿà¥€ का आंकड़ा इस बार करीब आधा रह सकता है. इसके बाद मà¥à¤‚बई शहर इकाई के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· संजय निरà¥à¤ªà¤® ने इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दे दिया था. पिछले चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ 52 सीटों पर दूसरे नंबर की पारà¥à¤Ÿà¥€ रही थी. लेकिन इस बार ये जगह बीजेपी को मिलती दिख रही है.
फूट का नतीजा?
इससे पहले पारà¥à¤Ÿà¥€ के नेता और पूरà¥à¤µ सीà¤à¤® नारायण राणे ने हार का ठीकरा संजय निरà¥à¤ªà¤® के सिर फोड़ा था. निरà¥à¤ªà¤® की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ में पारà¥à¤Ÿà¥€ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से विवादों में रहा था. सीनियर पारà¥à¤Ÿà¥€ नेता गà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¸ कामत और निरà¥à¤ªà¤® के समरà¥à¤¥à¤•ों के बीच कई बार टकराव के हालात पैदा हà¥à¤ थे. कामत और राणे दोनों ने खà¥à¤¦ को पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° से अलग कर लिया था. दो बार राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सांसद रह चà¥à¤•े निरà¥à¤ªà¤® को 2015 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने मà¥à¤‚बई की कमान सौंपी थी. वो 2014 के आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में बीजेपी के गोपाल शेटà¥à¤Ÿà¥€ से हार गठथे.