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कहीं विदिशा से ही तखतापलट का आगाज तो नहीं

ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजनीति भले ही विरासत में मिली हो, पर परीक्षा तो जमीन पर ही होती है और वह इस परीक्षा में सफल रहे हैं। राज्य में लोकप्रिय नेताओं में शुमार है। उन्होंने अपनी धमक से सरकार तक को हिला रखा है।
लगातार राज्य में सक्रिय होते जा रहे सिंधिया की भले ही सरकार व्यक्तिगत हमलों से घेराबंदी कर रही हो, परंतु वह चुप रहकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उन्होंने अब शिव की घेराबंदी करने à¤•ा प्लान बनाया है। वह उनके ही गढ़ से चुनाव अभियान की शुरूआत करने की सोच रहे है। मंगलवार को उनके गंजबासौदा में रघुवंश शिरोमणि संत श्री श्री 1008 श्री कनक बिहारी दास जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। समझा जा रहा है कि वह तखतापलट अभियान का आगाज विदिशा से ही तो नहीं करने वाले। संत से आर्शीवाद कहीं जीत का तो नहीं लिया।

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