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समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के लिठतसà¥à¤µà¥€à¤° नहीं मिली
वसà¥à¤‚धरा हरसिदà¥à¤§à¤¿ में दरà¥à¤¶à¤¨-पूजन कर बाहर आने लगी तो उनके साथ à¤à¤• पंडित ने कहा हरसिदà¥à¤§à¤¿ की तसà¥à¤µà¥€à¤° हो तो मैडम को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ पूरà¥à¤µà¤• à¤à¥‡à¤‚ट करें। मौजूद मंदिर पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक अवधेश जोशी बोले- तसà¥à¤µà¥€à¤° तो उपलबà¥à¤§ नहीं है। पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक ने à¤à¤¸à¤¡à¥€à¤à¤® कà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¿à¤œ शरà¥à¤®à¤¾ से तसà¥à¤µà¥€à¤° मंगवाने को कहा। अधिकारी इंतजाम करते, इतने में सीà¤à¤® वहां से रवाना हो गई।
वसà¥à¤‚धरा राजे ने किया महाकाल का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤•
उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨/इंदौर.धोलपà¥à¤° विधानसà¤à¤¾ उपचà¥à¤¨à¤¾à¤µ में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की जीत पर राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ वसà¥à¤‚धराराजे सिंधिया ने गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¥à¤²à¤¿à¤‚ग महाकाल का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• किया। सिंधिया ने यहां कालà¤à¥ˆà¤°à¤µ, हरसिदà¥à¤§à¤¿ व अंगारेशà¥à¤µà¤° महादेव की पूजा कर राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में अचà¥à¤›à¥€ बारिश के लिठकामना की। पूजा में उनके साथ à¤à¤¾à¤²à¤¾à¤µà¤¾à¤¡à¤¼ के सांसद पà¥à¤¤à¥à¤° दà¥à¤·à¥à¤¯à¤‚त, मामा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡à¤‚दà¥à¤° सिंह व पारिवारिक महिला मितà¥à¤° à¤à¥€ थे।
सà¥à¤¬à¤¹ 11 बजे नागà¤à¤¿à¤°à¥€ हेलीपेड पहà¥à¤‚चने के बाद सीà¤à¤® वसà¥à¤‚धरा सबसे पहले महाकाल जाने वाली थी लेकिन पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® बदला। वे सबसे पहले कालà¤à¥ˆà¤°à¤µ मंदिर पहà¥à¤‚ची। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ धरà¥à¤®à¥‡à¤‚दà¥à¤° सदाशिव चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ ने बताया सीà¤à¤® ने यहां सातà¥à¤µà¤¿à¤• व तामसिक सà¤à¥€ तरह की पूजा कर राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की जनता की समृदà¥à¤§à¤¿ व अचà¥à¤›à¥€ बारिश के लिठकामना की। परिवार की ओर से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥ˆà¤°à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ को पगड़ी धारण कराई और मदिरा का à¤à¥‹à¤— à¤à¥€ लगाया। कालà¤à¥ˆà¤°à¤µ से वसà¥à¤‚धरा मंगलनाथ मंदिर के पीछे शिपà¥à¤°à¤¾ किनारे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ शà¥à¤°à¥€ अंगारेशà¥à¤µà¤° महादेव मंदिर पहà¥à¤‚ची, जहां शासकीय पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ मनीष उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ ने पूजा कराई। यहां सीà¤à¤® ने महादेव का जल से अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤•, दीप आरती कर बाहर गोशाला में गायों को चारा खिलाया। दोपहर 12.30 बजे वसà¥à¤‚धरा राजे हरसिदà¥à¤§à¤¿ मंदिर पहà¥à¤‚ची। देवी काे चà¥à¤¨à¤°à¥€ व सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ चढ़ाकर पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ रामचंदà¥à¤° गिरि से संकलà¥à¤ª-पूजन कराया। दोपहर 1 बजे वसà¥à¤‚धरा महाकाल मंदिर पहà¥à¤‚ची, जहां पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ संजय गà¥à¤°à¥ ने गरà¥à¤à¤—ृह में उनका पंचामृत पूजन कराया। वसà¥à¤‚धरा ने बाबा को राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ ने साथ लाई चंदन का तेल व सफेद वसà¥à¤¤à¥à¤° चढ़ाà¤à¥¤ बाहर आकर नंदी के कान में कामना की। कà¥à¤› देर बैठकर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाकर à¤à¤• माला की। मंदिरों में पूजन कराने वाले पंडितों का कहना था कि अपà¥à¤°à¥ˆà¤² में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के धोलपà¥à¤° का उपचà¥à¤¨à¤¾à¤µ सीà¤à¤® के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा का पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ बन गया था। धोलपà¥à¤° उनका गृहनगर है। इस बहाने अगले साल के अंत में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ को लेकर जनता की नबà¥à¤œ टटोलना à¤à¥€ थी। चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में पà¥à¤¤à¥à¤° दà¥à¤·à¥à¤¯à¤‚त व उनकी पतà¥à¤¨à¥€ ने काफी मेहनत की थी। इसलिठपà¥à¤¤à¥à¤° को साथ लेकर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहां पूजा की।
सिंधिया बोलीं- à¤à¤¸à¥€ दाल कà¤à¥€ नहीं खाई, खानसामा को 2 हजार का इनाम
वसà¥à¤‚धराराजे को सरà¥à¤•िट हाउस का सादा खाना à¤à¤¾ गया। खासकर यहां बनी दाल। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा- à¤à¤¸à¥€ दाल उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जीवन में कहीं नहीं खाई। खानसामा शंकर को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•र दो हजार रà¥à¤ªà¤ का इनाम दिया।
महाकाल में आम दरà¥à¤¶à¤¨ रोके
महाकाल में जब तक सीà¤à¤® सिंधिया गरà¥à¤à¤—ृह में दरà¥à¤¶à¤¨-पूजन करती रही, मंदिर पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने आम शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं को नंदीहॉल के पीछे बेरिकेडà¥à¤¸ में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं दिया। सà¤à¤¾à¤®à¤‚डप से पहले ही दरà¥à¤¶à¤¨à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की लाइन रोक दी थी। वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तैनात दिलीप गरà¥à¤¡à¤¼ ने कहा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल अधिकारियों के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर दरà¥à¤¶à¤¨ रोके गà¤à¥¤
वसà¥à¤‚धराराजे को सरà¥à¤•िट हाउस का सादा खाना à¤à¤¾ गया। खासकर यहां बनी दाल। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा- à¤à¤¸à¥€ दाल उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जीवन में कहीं नहीं खाई। खानसामा शंकर को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•र दो हजार रà¥à¤ªà¤ का इनाम दिया।
महाकाल में आम दरà¥à¤¶à¤¨ रोके
महाकाल में जब तक सीà¤à¤® सिंधिया गरà¥à¤à¤—ृह में दरà¥à¤¶à¤¨-पूजन करती रही, मंदिर पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने आम शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं को नंदीहॉल के पीछे बेरिकेडà¥à¤¸ में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं दिया। सà¤à¤¾à¤®à¤‚डप से पहले ही दरà¥à¤¶à¤¨à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की लाइन रोक दी थी। वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तैनात दिलीप गरà¥à¤¡à¤¼ ने कहा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल अधिकारियों के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर दरà¥à¤¶à¤¨ रोके गà¤à¥¤
समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के लिठतसà¥à¤µà¥€à¤° नहीं मिली
वसà¥à¤‚धरा हरसिदà¥à¤§à¤¿ में दरà¥à¤¶à¤¨-पूजन कर बाहर आने लगी तो उनके साथ à¤à¤• पंडित ने कहा हरसिदà¥à¤§à¤¿ की तसà¥à¤µà¥€à¤° हो तो मैडम को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ पूरà¥à¤µà¤• à¤à¥‡à¤‚ट करें। मौजूद मंदिर पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक अवधेश जोशी बोले- तसà¥à¤µà¥€à¤° तो उपलबà¥à¤§ नहीं है। पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक ने à¤à¤¸à¤¡à¥€à¤à¤® कà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¿à¤œ शरà¥à¤®à¤¾ से तसà¥à¤µà¥€à¤° मंगवाने को कहा। अधिकारी इंतजाम करते, इतने में सीà¤à¤® वहां से रवाना हो गई।