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वसुंधरा राजे ने किया महाकाल का अभिषेक

उज्जैन/इंदौर.धोलपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे सिंधिया ने गुरुवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल का अभिषेक किया। सिंधिया ने यहां कालभैरव, हरसिद्धि व अंगारेश्वर महादेव की पूजा कर राजस्थान में अच्छी बारिश के लिए कामना की। पूजा में उनके साथ झालावाड़ के सांसद पुत्र दुष्यंत, मामा ध्यानेंद्र सिंह व पारिवारिक महिला मित्र भी थे।
 
सुबह 11 बजे नागझिरी हेलीपेड पहुंचने के बाद सीएम वसुंधरा सबसे पहले महाकाल जाने वाली थी लेकिन प्रोग्राम बदला। वे सबसे पहले कालभैरव मंदिर पहुंची। पुजारी धर्मेंद्र सदाशिव चतुर्वेदी ने बताया सीएम ने यहां सात्विक व तामसिक सभी तरह की पूजा कर राजस्थान की जनता की समृद्धि व अच्छी बारिश के लिए कामना की। परिवार की ओर से उन्होंने भैरवनाथ को पगड़ी धारण कराई और मदिरा का भोग भी लगाया। कालभैरव से वसुंधरा मंगलनाथ मंदिर के पीछे शिप्रा किनारे स्थित श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां शासकीय पुजारी मनीष उपाध्याय ने पूजा कराई। यहां सीएम ने महादेव का जल से अभिषेक, दीप आरती कर बाहर गोशाला में गायों को चारा खिलाया। दोपहर 12.30 बजे वसुंधरा राजे हरसिद्धि मंदिर पहुंची। देवी काे चुनरी व सौभाग्य सामग्री चढ़ाकर पुजारी रामचंद्र गिरि से संकल्प-पूजन कराया। दोपहर 1 बजे वसुंधरा महाकाल मंदिर पहुंची, जहां पुजारी संजय गुरु ने गर्भगृह में उनका पंचामृत पूजन कराया। वसुंधरा ने बाबा को राजस्थान ने साथ लाई चंदन का तेल व सफेद वस्त्र चढ़ाए। बाहर आकर नंदी के कान में कामना की। कुछ देर बैठकर ध्यान लगाकर एक माला की। मंदिरों में पूजन कराने वाले पंडितों का कहना था कि अप्रैल में राजस्थान के धोलपुर का उपचुनाव सीएम के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था। धोलपुर उनका गृहनगर है। इस बहाने अगले साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर जनता की नब्ज टटोलना भी थी। चुनाव में पुत्र दुष्यंत व उनकी पत्नी ने काफी मेहनत की थी। इसलिए पुत्र को साथ लेकर उन्होंने यहां पूजा की।
सिंधिया बोलीं- ऐसी दाल कभी नहीं खाई, खानसामा को 2 हजार का इनाम
वसुंधराराजे को सर्किट हाउस का सादा खाना भा गया। खासकर यहां बनी दाल। उन्होंने कहा- ऐसी दाल उन्होंने जीवन में कहीं नहीं खाई। खानसामा शंकर को बुलवाकर दो हजार रुपए का इनाम दिया।

महाकाल में आम दर्शन रोके
महाकाल में जब तक सीएम सिंधिया गर्भगृह में दर्शन-पूजन करती रही, मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं को नंदीहॉल के पीछे बेरिकेड्स में भी प्रवेश नहीं दिया। सभामंडप से पहले ही दर्शनार्थियों की लाइन रोक दी थी। व्यवस्था में तैनात दिलीप गरुड़ ने कहा प्रोटोकॉल अधिकारियों के निर्देश पर दर्शन रोके गए।

सम्मान के लिए तस्वीर नहीं मिली
वसुंधरा हरसिद्धि में दर्शन-पूजन कर बाहर आने लगी तो उनके साथ एक पंडित ने कहा हरसिद्धि की तस्वीर हो तो मैडम को सम्मान पूर्वक भेंट करें। मौजूद मंदिर प्रबंधक अवधेश जोशी बोले- तस्वीर तो उपलब्ध नहीं है। प्रबंधक ने एसडीएम क्षितिज शर्मा से तस्वीर मंगवाने को कहा। अधिकारी इंतजाम करते, इतने में सीएम वहां से रवाना हो गई।

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