जनसंपरà¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ की संवेदनशीलता
दतिया के शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¦à¥€à¤ª सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ पर आफत का पहाड़ तब टूटा जब उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ पिता शà¥à¤°à¥€ रामपà¥à¤°à¤•ाश मालौटिया की लंबी बीमारी से मृतà¥à¤¯à¥ हो गई। शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¦à¥€à¤ª को यह नहीं सूठरहा था कि बीमारी के खरà¥à¤š से डूब चà¥à¤•े परिवार को कैसे संà¤à¤¾à¤²à¤¾ जाà¤à¥¤ जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤° को जब यह जानकारी मिली तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कलेकà¥à¤Ÿà¤° शà¥à¤°à¥€ मदन कà¥à¤®à¤¾à¤° से बात की। कलेकà¥à¤Ÿà¤° के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर ततà¥à¤•ाल जरूरी कागजात तैयार किठगठऔर शà¥à¤°à¥€ रामपà¥à¤°à¤•ाश मालौटिया की मृतà¥à¤¯à¥ के à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° अनà¥à¤•ंपा नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ का आदेश तैयार किया गया।
जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ ने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ शà¥à¤°à¥€ मालौटिया के घर जाकर शोक संवेदना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ पीड़ित परिवार को सांतà¥à¤µà¤¨à¤¾ दी और उनके पà¥à¤¤à¥à¤° शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¦à¥€à¤ª सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ को कलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ में उनके पिता के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर अनà¥à¤•ंपा नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ का आदेश पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार तथा उसके मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤° के à¤à¤• नहीं अनेक à¤à¤¸à¥‡ उदाहरण है जहां उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अति-संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
कलेकà¥à¤Ÿà¤° शà¥à¤°à¥€ मदन कà¥à¤®à¤¾à¤° ने बताया कि जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ के आदेश पर मैने अपने अलà¥à¤ª कारà¥à¤¯à¤•ाल में 10 और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को इसी पà¥à¤°à¤•ार की अनà¥à¤•ंपा नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ दी है।
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ मिली अनà¥à¤•ंपा नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿
जिन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हाल ही में अनà¥à¤•ंपा नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ दी गई, उनमें सहायक वरà¥à¤—-तीन शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ पूनम शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ, सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾, शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त à¤à¥Œà¥œà¥‡à¤²à¥‡, सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ शिवी सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ à¤à¤µà¤‚ à¤à¥ƒà¤¤à¥à¤¯ के पद पर सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾ अहिरवार, शà¥à¤°à¥€ रविकांत शिंदे, शà¥à¤°à¥€ अवधेश अहिरवार, शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¨à¥€à¤² अहिरवार, शà¥à¤°à¥€ मनीराम केवट, सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ सूरजवती पटवा के नाम शामिल है।