अब मंत्री रावत भी नजरबन्द ,आदिवासी वोटरों को मतदान से रोकने पर वीरपुर में हंगामा
श्योपुर। विजयपुर उपचुनाव में जगह जगह दबंगों द्वारा आदिवासी व जाटव समाज के मतदाताओं को पोलिंग बूथों तक पहुंचने से रोका जा रहा है। यहां तक कि वीरपुर में जाटव व रावत समाज के लोगों के बीच में लाठी चलीं और पथराव भी हुआ। इसे लेकर आदिवासी व जाटव समाज के वोटरों ने वीरपुर में हंगामा करना शुरू कर दिया। सैकड़ों लोगों ने वीरपुर थाने का घेराव किया।
विजयपुर विधानसभा के उप चुनाव में गुलाबी सर्दी के बीच मतदान का जोश दिखा। पहले चार घंटों में 35 फीसद से ज्यादा मतदान हो चुका है। झिटपुट झड़पें भी मतदान के दौरान हुई हैं। चुनाव में 12 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सीधा मुकाबला भाजपा के रामनिवास रावत व कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा के बीच है। मतदान शुरू होने के एक घंटे बाद ही पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को पकड़कर बैठा लिया, इसके दो घंटे बाद रामनिवास रावत को भी विजयपुर एसडीओपी आफिस में नजरबंद कर लिया गया।मंत्री रावत को मोबाईल पर बात करने की पुलिस ने छूट दे रखी है.
मतदान के दौरान एक बार फायरिंग की अफवाह उड़ी, जो झूठी निकली। अंधूपुरा गांव में मतदान से रोकने पर शाक्य समाज के लोगोंं ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस नेता श्रीपति शाक्य की रावत समाज के लोगों ने मारपीट कर दी। श्रीपति शाक्य उनकी बेटी व पुत्रबधू को बिना मतदान के लौटा दिया गया। भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के पैतृक गांव सुनवई के पोलिंग बूथ पर महिला के साथ वोट डालने रहे युवक को सुरक्षाकर्मी ने रोक दिया, विवाद हुआ, इसके सशस्त्र सेना के जवान ने रामदास रावत नाम के युवक को थप्पड़ मार दिया, जिससे हंगामा हो गया।
दूसरी तरफ आदिवासी गांवों में फायरिंग व विवाद की घटनाओं के विरोध में मंगलवार दोपहर से श्योपुर कलेक्टोरेट में धरना देकर बैठे कांग्रेस नेता नीटू सिकरवार व अन्य बुधवार की सुबह तक नहीं हटे तो पुलिस ने सभी को गिरफ्तार लिया गया। सभी पर आचार संहिता उल्ल्लंघन कास केस भी हुआ है।
पुलिस ने पहले कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को नजरबंद किया था। इसके बाद पुलिस ने अब भाजपा प्रत्याशी व वन मंत्री रामनिवास रावत को नजरबंद कर लिया। रामनिवास रावत काे एसडीओपी कार्यालय में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि विजयपुर क्षेत्र में उपचुनाव के मतदान से पहले फायरिंग की घटनाएं हुई हैं। साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी के नजरबंद होने के बाद कांग्रेसियों ने भाजपा प्रत्याशी को नजरबंद करने की मांग की थी!
