कपट से खतरनाक दंठहै: मोरारी बापू
छोडऩा है तो ईषà¥à¤°à¥à¤¯à¤¾, दà¥à¤µà¥‡à¤·, निंदा व अहंकार छोड़ो
शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कथा में शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤“ं की उमड़ रही है à¤à¥€à¤¡à¤¼
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ कपट से खतरनाक दंठहै। कमजोरियों को जो लोग छà¥à¤ªà¤¾à¤¤à¥‡ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कपटी कहते हैं और अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆà¤¯à¥‹à¤‚ के न होते हà¥à¤ अपने को अचà¥à¤›à¤¾ बताठवह दंठहै, अंहकारी है। ईषà¥à¤°à¥à¤¯à¤¾, दà¥à¤µà¥‡à¤·, निंदा करना छोड़ों, आंखों में आकà¥à¤°à¥‹à¤¶ मत रखो, à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका जीवन सारà¥à¤¥à¤• बन जाà¤à¤—ा। यह विचार मानस मरà¥à¤®à¤•à¥à¤· मोरारी बापू ने चितà¥à¤°à¤•ूट धाम फूलबाग मैदान पर शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कथा के तीसरे दिन कथा का रसपान करते हà¥à¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤ शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कथा का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठमोरारी बापू ने यह चौपाई पढक़र की ‘रूचि महेश निज मानस राखा, पाई सà¥à¤¸à¤®à¤¯ सिवासन à¤à¤¾à¤·à¤¾, राम कथा मà¥à¤¨à¤¿ वरà¥à¤œ बखानी, सà¥à¤¨à¤¿ महेश परम सà¥à¤– मानी’ संत शà¥à¤°à¥€ बापू ने कथा में कहा कि बौदà¥à¤§ धरà¥à¤® में तीन पà¥à¤°à¤•ार की काया का उलà¥à¤²à¥‡à¤– है, जिसमें कामकाया, धरà¥à¤®à¤•ाया और निरà¥à¤®à¤¾à¤£ काया, मगर मैं à¤à¤• और काया का नाम जोड़ता हूं वो है पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤•ाया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मरà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ में रहकर विलास करो, इनà¥à¤œà¥‰à¤¯ करो, मेरी कथा का रसपान करो। नौ दिन मà¥à¤à¥‡ कथा में दो, मैं जीवन बदल दूंगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यà¥à¤µà¥€ पीढ़ी को अगर सही दिशा में ले जा सकती है, तो वह है कथा। कथा शà¥à¤°à¤µà¤£ करने से à¤à¤•à¥à¤¤ के हृदय का à¤à¤¾à¤µ विशेष मन से अलंकृत कर देते है। आप शराब का सेवन करें न करें छोड़े न छोड़े, इससे नà¥à¤•सान किसका होता है, पीने वाले का, या नहीं पीने वाले का। आप कथा का रसपान करें, पà¥à¤°à¤à¥ की à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ का रसपान करें आपका जीवन बदल जाà¤à¤—ा। अगर आपको कà¥à¤› छोडऩा है तो ईषà¥à¤°à¥à¤¯à¤¾, दà¥à¤µà¥‡à¤·, निंदा करना छोड़ दें, जीवन में आनंद मिलेगा। शà¥à¤°à¥€ बापू ने तराजू का पà¥à¤°à¤¸à¤‚ग सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ कहा कि तराजू सबको तोलती है, पर कोई कà¤à¥€ तराजू को नहीं तोल पाया है, कमोवेश साधà¥-संत à¤à¥€ तराजू के समान है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई नहीं तोल पाया।
अमृत तो कथा में है: शà¥à¤°à¥€ बापू ने कथा को आगे बढ़ाते हà¥à¤ कहा कि अमृत समà¥à¤¦à¥à¤§ मंथन से निकला हो सकता है, समà¥à¤¦à¥à¤§ तो खारा होता है, मेरा विचार है कि अमृत कथा में है, धरती पर है, सà¥à¤µà¤°à¥à¤— में नहीं है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अमृत तो कथा में है, बाकी सब छलावा है।
मेरी à¤à¥€ पीओ: संत शà¥à¤°à¥€ बापू ने कहा कि पीने-छोडऩे की बात बहà¥à¤¤ होती है, आप मेरी पीओ, यानि कथा का रसपान करो वो छूट जाà¤à¤—ी। à¤à¤• साल में मà¥à¤à¥‡ नौ दिन दो, मेरी वà¥à¤¯à¤¾à¤¸ पीठआपको नवजीवन देगी।
जयकारे मेरे मत लगाओ: उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कथा के दौरान कहा कि मैं हलà¥à¤²à¤¾-गà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ वाला आदमी नहीं हूं, लोग बापू के जयकारे लगाते हैं, मैं मना करता हूं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤à¥‡ यह सब पसंद नहीं है। जयकारे लगाना है तो à¤à¤—वान शिव के लगाओ। मà¥à¤à¥‡ शà¥à¤°à¥€ और जी कहकर संबोधित करना अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लगता है। मैं यह à¤à¥€ पसंद नहीं करता, मà¥à¤à¥‡ बापू कहो इतना ही परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है।
तà¥à¤® अगर à¤à¥‚ल à¤à¥€ जाओ: संत शà¥à¤°à¥€ बापू ने कथा के दौरान ‘आई लव यू’ पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करते हà¥à¤ à¤à¤• गीत की इन पकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ कहा ‘तà¥à¤® अगर à¤à¥‚ल à¤à¥€ जाओ, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ ये हक है, मेरी बात और है, मैंने तो मोहबà¥à¤¬à¤¤ की है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि चरणों में पà¥à¤¯à¤¾à¤° करना विशà¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ है, मैं शबà¥à¤¦ में अहंकार होता है, इसलिठमैं कहता हूं कि ‘आई लव यू’ से आई शबà¥à¤¦ हटाओ, बहà¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤° मिलेगा। मैं नहीं तà¥à¤® कहो पà¥à¤¯à¤¾à¤° सारà¥à¤¥à¤• हो जाà¤à¤—ा। à¥à¤°à¤®à¤¾à¤¨à¤¸ में महादेव की तीन धाराà¤à¤‚ हैं: संत शà¥à¤°à¥€ बापू ने शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कथा में कहा कि महेश का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ शतà¥à¤°à¥ महादेव है। देव और ईश में फरà¥à¤• बताते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि ईश का मतलब आखरी सतà¥à¤¤à¤¾ से है और देव का मतलब देवयोनी से है। 36 हजार देवी-देवता है, जिसमें शिव सबसे महान है। मानस में महादेव की तीन धाराà¤à¤‚ हैं, शिवशंकर और शंà¤à¥‚ यानि तà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥¤ शिव ही परमसतà¥à¤¤à¤¾ का परिचायक है। दैविक व अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• कथाओं में महेश, शिव निराकार है।
सतà¥à¤¯à¤®à¥-शिवम-सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¤®à¥: संत शà¥à¤°à¥€ बापू ने ‘सतà¥à¤¯à¤®à¥-शिवम-सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¤®à¥’ गीत सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾ तब शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कथा का शà¥à¤°à¤µà¤£ कर रहे हजारों लोग नृतà¥à¤¯ कर à¤à¥‚म उठे। कथा में हर रोज शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤“ं की à¤à¥€à¤¡à¤¼ बढ़ रही है।